दिल्ली में मणिपुर के कलाकार की लिंचिंग से हाहाकार: “सुरक्षा की तलाश में देश की राजधानी आए थे, मगर यहाँ भी घर सुरक्षित नहीं”
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एक नागरिक के तौर पर देर रात हो रहे उपद्रव और हुड़दंग को रोकना दिल्ली में मणिपुर के एक नामचीन कलाकार के लिए मौत का वारंट बन गया। दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के आश्रम के पास स्थित किलोकारी इलाके में 54 वर्षीय संगीत शिक्षक चोंगथम विक्रम सिंह की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। इस वीभत्स वारदात ने न केवल राजधानी की ढचर कानून-व्यवस्था को बेनकाब किया है, बल्कि दिल्ली के भीतर देश के पूर्वोत्तर (Northeast) राज्यों के नागरिकों की सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सिर्फ टोकने पर उतारा मौत के घाट
मूल रूप से मणिपुर के रहने वाले और मशहूर शास्त्रीय गायिका चोंगथम ओंगबी कमला देवी के पुत्र चोंगथम विक्रम सिंह पिछले 17 सालों से दिल्ली को अपनी कर्मभूमि बनाकर बच्चों को वेस्टर्न म्यूजिक सिखाते थे। रविवार की रात जब उनके अपार्टमेंट के ठीक बाहर स्थित एक लोकल भोजनालय के कर्मचारी और कुछ डिलीवरी बॉयज हद से ज़्यादा शोर मचा रहे थे, तो विक्रम सिंह ने नीचे आकर उन्हें शांति बनाए रखने को कहा।
कानून और कायदे की यह बात हुड़दंगियों को इतनी चुभ गई कि करीब आठ लोगों के हिंसक झुंड ने निहत्थे विक्रम सिंह पर धावा बोल दिया। वारदात के विजुअल्स बताते हैं कि जान बचाने के लिए जब विक्रम सिंह अपनी बिल्डिंग की तीसरी मंजिल की तरफ भागे, तो आरोपियों ने सीढ़ियों पर उनका पीछा किया और गैलरी में घेरकर लात-घूंसों से उन पर तब तक बर्बरता की, जब तक वे अचेत नहीं हो गए। अस्पताल ले जाने के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
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“क्या दिल्ली भी हमारे लिए सुरक्षित नहीं है?”
इस खौफनाक हत्याकांड के बाद दिल्ली में रह रहे मणिपुर समुदाय और मृतक के परिजनों का सब्र का बांध टूट गया। अपनों को खो चुके दोस्तों और रिश्तेदारों ने रोते हुए व्यवस्था से सवाल किया:
“हम मणिपुर की ज़मीनी हिंसा और अशांति से दूर, एक महफ़ूज़ ज़िंदगी की उम्मीद में देश की राजधानी दिल्ली आए थे। हमें लगता था कि यहाँ हमारी जान सुरक्षित रहेगी। लेकिन यहाँ की कड़वी सच्चाई यह है कि सिर्फ शोर का विरोध करने पर आपको आपके ही घर की दहलीज पर मार दिया जाता है। अगर देश का दिल कही जाने वाली दिल्ली भी हमारे लिए पराई और असुरक्षित है, तो हम न्याय के लिए किसके पास जाएं?”
राष्ट्रीय स्तर पर गरमाया मुद्दा, कड़ी कार्रवाई की मांग
इस बर्बर मॉब लिंचिंग ने देश के सियासी और सामाजिक हलकों में भारी उबाल पैदा कर दिया है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने पीड़ित परिवार से मिलकर ढांढस बंधाया और पुलिस को निर्देश दिए कि इस जघन्य अपराध की फाइल को बेहद मजबूती से तैयार कर अगले 9 दिनों के भीतर अदालत में सख्त चार्जशीट पेश की जाए। वहीं, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी घटना की कड़े शब्दों में भर्त्सना करते हुए दिल्ली के सुरक्षा तंत्र पर गहरी चिंता व्यक्त की है।
सभी 8 आरोपी कानून के शिकंजे में
इलाके के स्थानीय थाने की पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले में शामिल सभी 8 हमलावरों को दबोच लिया है। पकड़े गए आरोपियों में 7 बालिग हैं जिन्हें गिरफ्तार किया गया है, जबकि 1 नाबालिग को बाल सुधार गृह भेजा गया है। अधिकारियों के मुताबिक यह वारदात आपसी विवाद के बाद अचानक भड़की हिंसा का परिणाम है, और शुरुआती तफ्तीश में इसका कोई नस्लीय (Racial) कनेक्शन सामने नहीं आया है।
