Home मध्य प्रदेश धार बंद: भोजशाला विवाद को लेकर सड़कों पर सन्नाटा, हिंदू संगठनों की...

धार बंद: भोजशाला विवाद को लेकर सड़कों पर सन्नाटा, हिंदू संगठनों की अपील पर बाजार थमे

0

धार बंद: भोजशाला विवाद को लेकर सड़कों पर सन्नाटा, हिंदू संगठनों की अपील पर बाजार थमे

धार (मध्य प्रदेश): ऐतिहासिक भोजशाला परिसर में जुमे की नमाज की प्रशासनिक व्यवस्थाओं के विरोध में आज आधे दिन धार शहर पूर्णतः बंद  हिंदू संगठनों द्वारा किए गए बंद के आह्वान का व्यापक असर देखने को मिला, जहां सुबह से ही मुख्य व्यावसायिक इलाकों में दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान पूरी तरह बंद रहे।

व्यवस्था से नाराजगी और बंद का आह्वान

विवाद की मुख्य वजह भोजशाला परिसर में शुक्रवार को जुमे की नमाज के लिए की गई प्रशासनिक व्यवस्थाएं हैं। हिंदू संगठनों का आरोप है कि प्रशासन द्वारा की गई मौजूदा व्यवस्थाएं परिसर की धार्मिक स्थिति और परंपराओं के अनुकूल नहीं हैं। इसी असंतोष को जताने के लिए हिंदू संगठनों के प्रतिनिधि और कार्यकर्ता सुबह से ही सड़कों पर उतरे और व्यापारियों से अपनी दुकानें स्वतः बंद रखने का अनुरोध किया।

बाजारों में सन्नाटा, आवाजाही प्रभावित

  • दुकानें बंद: शहर के प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों, जैसे जवाहर मार्ग, राजवाड़ा, मोहन टॉकीज चौराहा और बस स्टैंड क्षेत्र में सुबह से ही शटर गिरे नजर आए।
  • सड़कों पर सन्नाटा: रोजमर्रा की दुकानों के बंद रहने से आम जनजीवन और यातायात की आवाजाही पर सीधा असर पड़ा है।
  • सार्वजनिक अपील: कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण ढंग से घूम-घूमकर दुकानदारों से इस विरोध प्रदर्शन में सहयोग की अपील की, जिसे स्थानीय व्यापारियों का समर्थन मिला।

सुरक्षा व्यवस्था सख्त

किसी भी अप्रिय स्थिति या तनाव को रोकने के लिए धार पुलिस और स्थानीय प्रशासन अलर्ट मोड पर है।

  • ​भोजशाला परिसर के आसपास और शहर के संवेदनशील चौराहों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
  • ​वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी लगातार गश्त कर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
  • ​प्रशासन ने आम जनता से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।

​फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और बंद शांतिपूर्ण तरीके से जारी है। हिंदू संगठन प्रशासनिक रुख पर नजर बनाए हुए हैं और अपनी मांगों को लेकर आगे की रणनीति तय कर रहे हैं।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version