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धार के मुख्य बाजारों में रेंगते रहे वाहन, त्योहार के समय आनंद चौपाटी और एमजी रोड पर फोर-व्हीलर प्रतिबंध की सख्त जरूरत?

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धार के मुख्य बाजारों में रेंगते रहे वाहन, त्योहार के समय आनंद चौपाटी और एमजी रोड पर फोर-व्हीलर प्रतिबंध की सख्त जरूरत

विशेष संवाददाता, नितिन परिहार
धार। गणेश चतुर्थी और हरतालिका तीज के पावन पर्व को लेकर शहर के बाजारों में भारी चहल-पहल देखी जा रही है। त्योहार से ठीक एक दिन पहले की रात बाजार में खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ी, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित नजर आई। विशेषकर शहर के हृदय स्थल एमजी रोड और आनंद चौपाटी पर चार पहिया वाहनों (फोर-व्हीलर्स) की निरंतर आवाजाही के कारण वाहनों की गति बेहद धीमी हो गई और देर रात तक यातायात रेंगता रहा।

पैदल राहगीरों को हुई असुविधा
संकरे व्यापारिक मार्ग पर बड़ी गाड़ियों के प्रवेश से पैदल चलने वाले खरीदारों और विशेषकर महिलाओं को आवागमन में खासी असुविधा का सामना करना पड़ा। त्योहार के मद्देनजर उमड़ने वाली संभावित भीड़ को देखते हुए आनंद चौपाटी और एमजी रोड जैसे संवेदनशील चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस की मुस्तैदी और पुख्ता प्रबंध नजर नहीं आए, जिसके चलते व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई।

क्या त्योहारों पर लागू हो नो-एंट्री प्लान?
इस पूरे घटनाक्रम और अव्यवस्था को देखते हुए यह स्पष्ट है कि त्योहारों के समय शहर की यातायात व्यवस्था को नए सिरे से प्लान करने की सख्त जरूरत है। प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस को चाहिए कि गणेश चतुर्थी, तीज और आगामी त्योहारों के मुख्य दिनों तथा उससे एक दिन पूर्व की शाम को आनंद चौपाटी और एमजी रोड जैसे व्यस्ततम व्यापारिक मार्गों पर चार पहिया वाहनों के प्रवेश को पूरी तरह प्रतिबंधित (बैन) किया जाए। यदि इन विशेष दिनों में फोर-व्हीलर्स के लिए रूट डायवर्जन या पार्किंग की अलग व्यवस्था की जाती है, तो मुख्य बाजारों में पैदल यात्रियों और दोपहिया वाहनों को सुगमता मिलेगी और आम जनता त्योहार की खरीदारी बिना किसी परेशानी के कर सकेगी।

भगवान भरोसे रही शहर की यातायात व्यवस्था
त्योहार के इस महत्वपूर्ण और संवेदनशील अवसर पर स्थानीय यातायात पुलिस प्रबंधन की गंभीर लापरवाही और उदासीनता धरातल पर साफ उजागर हुई। अमूमन सामान्य दिनों में मुस्तैदी का दावा करने वाला यातायात अमला इस अति-व्यस्तम समय में मोर्चे से पूरी तरह नदारद नजर आया। जब बाजारों में पैर रखने तक की जगह नहीं थी और चार पहिया वाहनों के अनियंत्रित प्रवेश से व्यवस्था लगातार बिगड़ रही थी, तब आनंद चौपाटी और एमजी रोड जैसे प्रमुख पॉइंट्स पर सुचारू यातायात व्यवस्था बनाने के लिए एक भी पुलिसकर्मी मुस्तैद दिखाई नहीं दिया। जिम्मेदार अधिकारियों की इस अनुपस्थिति का नतीजा यह रहा कि वाहन चालक बिना किसी रोक-टोक के अपनी मनमर्जी से संकरे बाजारों में गाड़ियां घुसाते रहे, जिससे पूरी व्यवस्था अनियंत्रित हो गई। त्योहार जैसे पूर्व-निर्धारित और भीड़भाड़ वाले संवेदनशील मौकों पर भी प्रमुख चौराहों को इस तरह खाली छोड़ देना, निश्चित तौर पर यातायात विभाग के पूर्व-नियोजन और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

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