राजोद (धार)। मध्य प्रदेश के धार जिले के राजोद से एक बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। यहाँ एक स्कूल के पास डंप किए गए कचरे की भयंकर दुर्गंध के कारण स्कूल की 6 छात्राओं की तबीयत अचानक बिगड़ गई। छात्राओं को सांस लेने में तकलीफ, जी घबराने और उल्टी की शिकायत के बाद तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ से 3 छात्राओं की गंभीर स्थिति को देखते हुए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
क्लासरूम तक पहुँच रही थी बदबू
मिली जानकारी के अनुसार, स्कूल परिसर के बिल्कुल नजदीक लंबे समय से कचरा फेंका जा रहा है। बारिश और उमस के कारण इस कचरे ने सड़ना शुरू कर दिया, जिससे पूरे इलाके में भारी दुर्गंध फैल गई। सोमवार को जब छात्राएं क्लास में पढ़ रही थीं, तो हवा के साथ आई तेज बदबू के कारण अचानक कई छात्राओं का दम घुटने लगा।
देखते ही देखते 6 छात्राओं की हालत ज्यादा खराब हो गई। स्कूल स्टाफ ने तुरंत तत्परता दिखाते हुए सभी को राजोद के स्थानीय शासकीय अस्पताल पहुँचाया।
परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश
घटना की सूचना मिलते ही छात्राओं के परिजन और भारी संख्या में ग्रामीण स्कूल और अस्पताल पहुँच गए। ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल के पास कचरा फेंकने को लेकर उन्होंने पहले भी स्थानीय प्रशासन और ग्राम पंचायत से शिकायत की थी, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस प्रशासनिक लापरवाही के कारण आज मासूम बच्चों की जान जोखिम में पड़ गई है।
डॉक्टरों का कहना
अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक, दूषित हवा और कचरे की गैस के संपर्क में आने से बच्चों को सांस लेने में दिक्कत हुई थी। फिलहाल भर्ती की गई तीनों छात्राओं का इलाज जारी है और उनकी स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि स्कूल के पास से इस कचरा डंपिंग साइट को तुरंत हटाया जाए और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों व जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
