Diljit Dosanjh Indore Concert: दिलजीत के इंदौर शो में 4 गानों पर रोक; ‘पटियाला पैग’ और ‘5 तारा ठेके’ भी शामिल, जानें क्या है पूरा विवाद
चंडीगढ़ के एक प्रोफेसर की शिकायत पर इंदौर के महिला एवं बाल विकास विभाग ने जारी किया नोटिस। गन कल्चर और नशे को बढ़ावा देने वाले गानों पर एक्शन।
मशहूर पंजाबी सिंगर और ग्लोबल स्टार दिलजीत दोसांझ (Diljit Dosanjh) का ‘दिल-लुमिनाती इंडिया टूर’ (Dil-Luminati India Tour) इन दिनों देश भर में धूम मचा रहा है। लेकिन आगामी 15 नवंबर 2026 को इंदौर में होने वाले उनके लाइव कॉन्सर्ट को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इंदौर के प्रशासन ने दिलजीत के शो को लेकर एक बड़ा फैसला सुनाते हुए उनके 4 सबसे लोकप्रिय गानों को लाइव परफॉर्म करने पर पूरी तरह रोक लगा दी है।
इंदौर के जिला बाल संरक्षण अधिकारी (महिला एवं बाल विकास विभाग) ने यह सख्त निर्देश चंडीगढ़ के एक प्रोफेसर द्वारा भेजी गई लिखित शिकायत के बाद इंदौर के सी-21 मॉल (C-21 Mall) प्रबंधन को जारी किया है।
इन 4 सुपरहिट गानों पर लगी पाबंदी
विभाग का मानना है कि इन गानों के बोल बच्चों और युवाओं की मानसिकता पर बुरा और नकारात्मक असर डालते हैं। जिन चार गानों को कॉन्सर्ट में गाने से पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है, वे हैं:
- ‘पटियाला पैग’ (Patiala Peg)
- ‘5 तारा ठेके’ (5 Taara Theke)
- ‘जेब विचों अफीम लभिया’ (Case / Jeeb Vicho Feem Labbiya)
- ‘जट्ट उत्थे फायर करदा जित्थे पाबंदी हथियार दी’ (Jatt Fire Karda)
प्रशासन ने सख्त हिदायत दी है कि दिलजीत इन चारों गानों को न तो इनके मूल रूप में गा सकते हैं और न ही इनके शब्दों या लिरिक्स को बदलकर (मॉडिफाई करके) मंच पर पेश कर सकते हैं।
किसने और क्यों की प्रशासन से शिकायत?
यह पूरी कार्रवाई चंडीगढ़ के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. पंडितराव धारेनावर की लिखित शिकायत पर हुई है। प्रोफेसर धारेनावर लंबे समय से गानों में शराब, ड्रग्स और गन-कल्चर (बंदूक संस्कृति) को बढ़ावा देने के खिलाफ देशव्यापी अभियान चला रहे हैं।
उन्होंने अपनी शिकायत में दो प्रमुख कानूनी और सामाजिक तर्कों का हवाला दिया:
- हाईकोर्ट के आदेश का हवाला: शिकायत में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा 2019 में जारी किए गए उस ऐतिहासिक आदेश का उल्लेख किया गया है, जिसमें सार्वजनिक स्थानों या कॉन्सर्ट्स में नशे और हिंसा को बढ़ावा देने वाले गानों पर प्रतिबंध लगाने की बात कही गई थी।
- बच्चों की सुरक्षा और मानसिक सेहत: डॉ. पंडितराव ने तर्क दिया कि चूंकि इस कॉन्सर्ट में 5 साल और उससे अधिक उम्र के बच्चों को भी एंट्री दी जा रही है, इसलिए शराब और बंदूक संस्कृति वाले बोल उनके कोमल दिमाग पर गहरा नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। यह केंद्र सरकार के ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ की मूल भावना के भी विपरीत है।
शिकायत में प्रोफेसर की 3 प्रमुख मांगें, जिन पर हुआ एक्शन
डॉ. पंडितराव ने जिला बाल संरक्षण अधिकारी को भेजी शिकायत में तीन मुख्य मांगें रखी थीं, जिन्हें प्रशासन ने गंभीरता से लिया है:
- गानों पर पूरी रोक: ‘पटियाला पैग’ और ‘5 तारा’ जैसे गानों के संगीत या लिरिक्स का कोई भी हिस्सा मंच पर न बजाया जाए।
- कारतूस वाली बेल्ट (Bandolier) पहनने पर रोक: दिलजीत अक्सर स्टेज पर क्रॉस पैटर्न में चांदी के रंग की कारतूस वाली बेल्ट या नकली मेटल बुलेट्स पहनते हैं। शिकायत में इस पर भी रोक लगाने की मांग की गई है क्योंकि यह युवाओं में गन-कल्चर को ग्लैमराइज करता है।
- बच्चों को मंच पर न बुलाएं: सुरक्षा और स्वास्थ्य कारणों (तेज आवाज और तेज फ्लैश लाइट्स) का हवाला देते हुए बच्चों को परफॉर्मेंस के दौरान स्टेज पर आमंत्रित न करने की अपील की गई है।
प्रशासन का एक्शन और दिलजीत का करारा जवाब
इंदौर के महिला एवं बाल विकास विभाग ने सी-21 मॉल प्रबंधन को आधिकारिक पत्र जारी कर इन नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है। इस आदेश की कॉपियां इंदौर कलेक्टर, पुलिस कमिश्नर और संबंधित थानों को भी भेज दी गई हैं ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
दूसरी ओर, इस बड़े विवाद और हाल ही में मिली कुछ अन्य सुरक्षा चुनौतियों के बीच दिलजीत दोसांझ ने साफ कर दिया है कि वे इंदौर आ रहे हैं। उन्होंने अपने फैंस से वादा किया है कि वे 15 नवंबर को इंदौर में परफॉर्म भी करेंगे और वहां का मशहूर ‘पोहा’ भी जरूर खाएंगे। उन्होंने मीडिया से बातचीत में एक शेर के अंदाज में कहा, “कोई कुछ भी कहे, हम संकट संभालना जानते हैं। इंदौर के लोगों, मैं आ रहा हूँ!”
