Drishyam 3 Trailer Review: क्या इस बार पकड़ा जाएगा विजय सलगांवकर? तब्बू और जयदीप अहलावत के चक्रव्यूह में फंसा परिवार!
मनोरंजन डेस्क (बॉलीवुड): भारतीय सिनेमा के इतिहास में सस्पेंस का दूसरा नाम बन चुके विजय सलगांवकर की कहानी अब अपने सबसे बड़े और आखिरी मोड़ पर आ खड़ी हुई है। दर्शकों का लंबा इंतजार खत्म करते हुए मेकर्स ने ‘दृश्यम 3: द कन्क्लूजन’ (Drishyam: The Conclusion) का बेहद दमदार और रोंगटे खड़े कर देने वाला ऑफिशियल ट्रेलर रिलीज कर दिया है। लगभग 3 मिनट का यह ट्रेलर सोशल मीडिया पर आते ही ट्रेंड करने लगा है।
ट्रेलर रिव्यू: माइंड गेम्स, जबरदस्त सस्पेंस और एक्टिंग का महामुकाबला
‘दृश्यम 3’ का 2 मिनट 52 सेकंड का ट्रेलर शुरुआत से ही आपको बांधकर रखता है। ट्रेलर का स्क्रीनप्ले और बैकग्राउंड म्यूजिक इतना कमाल का है कि हर फ्रेम में सस्पेंस बढ़ता हुआ महसूस होता है।
- अजय देवगन का खामोश खौफ: विजय सलगांवकर के रूप में अजय देवगन की आंखें इस बार ज्यादा परेशान और गहरी दिख रही हैं। अपने परिवार को बचाने की उनकी छटपटाहट और शातिर दिमाग एक बार फिर दर्शकों को तालियां बजाने पर मजबूर कर देगा।
- जयदीप अहलावत की खूंखार एंट्री: इस ट्रेलर की सबसे बड़ी यूएसपी (USP) जयदीप अहलावत हैं। क्राइम ब्रांच के कड़क ऑफिसर के रूप में उनका लुक, डायलॉग डिलीवरी और बॉडी लैंग्वेज कमाल की है। वे विजय सलगांवकर के माइंड गेम्स को उसी की भाषा में जवाब देते नजर आ रहे हैं, जिससे फिल्म में ‘शेर को सवा शेर’ मिलने वाला रोमांच साफ दिख रहा है।
- तब्बू और प्रकाश राज का पावरहाउस: अपनी औलाद को खो चुकी मीरा देशमुख (तब्बू) की आंखों में बदले की आग आज भी साफ दिखाई दे रही है। वहीं, कोर्ट रूम के सीन्स में दिग्गज अभिनेता प्रकाश राज की एंट्री इस कानूनी लड़ाई को और भी ज्यादा दिलचस्प और उलझा हुआ बनाती है।
कुल मिलाकर, ट्रेलर देखकर साफ है कि डायरेक्टर अभिषेक पाठक ने इस बार सस्पेंस के लेवल को दोगुना कर दिया है। यह सिर्फ एक मर्डर मिस्ट्री नहीं, बल्कि दो बेहद शातिर दिमागों की वो जंग है जहां एक भी गलत कदम सब कुछ तबाह कर सकता है।
मलयालम फिल्म का रीमेक नहीं है ‘दृश्यम 3’
ट्रेलर लॉन्च के मौके पर अजय देवगन और डायरेक्टर अभिषेक पाठक ने एक बहुत बड़ा खुलासा किया। उन्होंने साफ किया कि यह फिल्म मोहनलाल की मलयालम फिल्म का सीन-टू-सीन रीमेक नहीं है। हिंदी दर्शकों की उम्मीदों को ध्यान में रखते हुए मेकर्स ने पिछले ढाई साल में एक बिल्कुल नई और बेहद सस्पेंस से भरपूर ओरिजिनल स्क्रिप्ट तैयार की है, जो दर्शकों को अंत तक सीट से बांधकर रखेगी।
क्या 2 अक्टूबर को खत्म होगा सस्पेंस?
मेकर्स ने फिल्म का नाम ‘दृश्यम: द कन्क्लूजन’ रखा है, क्योंकि अजय देवगन के मुताबिक वे इस सुपरहिट फ्रेंचाइजी को खींचना नहीं चाहते और इस पार्ट में दर्शकों को सभी उलझे हुए सवालों के जवाब हमेशा के लिए मिल जाएंगे।
फिल्म 2 अक्टूबर 2026 (गांधी जयंती) को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए पूरी तरह तैयार है—वही ऐतिहासिक तारीख जब विजय सलगांवकर अपने परिवार के साथ पणजी में सत्संग सुनने गया था।
