नई दिल्ली:
देश में नया ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने और पुराने लाइसेंस में अपनी निजी जानकारियां अपडेट कराने वाले नागरिकों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण खबर है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स, 1989 में संशोधन करने के लिए एक नया ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया है। इस नए सरकारी प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी सेवाओं को अत्यधिक पारदर्शी, डिजिटल और आसान बनाना है, साथ ही सड़क सुरक्षा को और अधिक पुख्ता करना है।
इस प्रस्तावित नियमों के तहत जहां एक तरफ लर्नर लाइसेंस परीक्षा को पहले से अधिक कड़ा किया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ आम नागरिकों को अपने कार्ड में नाम-पता अपडेट कराने के लिए लगने वाली फीस से बड़ी राहत दी जा रही है। आइए विस्तार से जानते हैं कि सरकार के इस नए ड्राफ्ट में क्या-क्या बड़े बदलाव शामिल हैं।
1. टेस्ट पास करने के लिए अब 75% अंक जरूरी
नए ड्राफ्ट नियमों के मुताबिक, अब लर्नर लाइसेंस के आवेदनकर्ताओं के लिए होने वाले ऑनलाइन ‘सेफ-ड्राइविंग ट्यूटोरियल टेस्ट’ को पास करना पहले से थोड़ा कठिन हो जाएगा। परीक्षा में पास होने के लिए न्यूनतम क्वालिफाइंग मार्क्स को 60% से बढ़ाकर 75% करने का प्रस्ताव है। इसके साथ ही, आवेदकों को परीक्षा से पहले कम से कम 30 मिनट का ऑनलाइन सेफ-ड्राइविंग ट्यूटोरियल पूरा करना अनिवार्य होगा, ताकि नए वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों की पुख्ता और व्यावहारिक समझ हो सके।
2. कार्ड में नाम, पता और मोबाइल नंबर बदलना बिल्कुल फ्री
लाइसेंस धारकों को एक बड़ी राहत देते हुए सरकार ने प्रस्ताव दिया है कि ड्राइविंग लाइसेंस में किसी भी प्रकार के पर्सनल विवरण जैसे कि नाम, रहने का पता, मोबाइल नंबर या ईमेल आईडी को बदलवाने या अपडेट करने पर लगने वाली फीस (जो वर्तमान में ₹200 तक होती है) को पूरी तरह से खत्म (माफ) कर दिया जाएगा। हालांकि, इस निशुल्क सेवा का लाभ केवल उन नागरिकों को मिलेगा जो आधार आधारित ऑनलाइन ऑथेंटिकेशन के जरिए डिजिटल माध्यम से आवेदन करेंगे।
3. आरटीओ के लिए तय होगी 15 दिनों की समय-सीमा
लाइसेंस प्रक्रिया में होने वाली देरी और दफ्तरों के चक्कर काटने की समस्या को खत्म करने के लिए इस ड्राफ्ट में आरटीओ प्राधिकारियों के लिए एक सख्त डेडलाइन तय की गई है। प्रस्ताव के अनुसार, लाइसेंसिंग अथॉरिटी को नाम, पता या अन्य विवरण बदलने वाले आवेदनों को 15 दिनों के भीतर या तो स्वीकृत करना होगा या खारिज करना होगा। यदि कोई अधिकारी आवेदन को खारिज करता है, तो उसे इसका ठोस और स्पष्ट लिखित कारण भी बताना होगा। पते में बदलाव के मामलों में यदि आवेदन पर 30 दिनों तक कोई फैसला नहीं लिया जाता, तो उसे स्वचालित रूप से स्वीकृत मान लिया जाएगा।
4. एड्रेस प्रूफ के दस्तावेजों की लिस्ट में बदलाव
नए नियमों के तहत पते के सत्यापन की प्रक्रिया को भी आसान बनाया गया है। अब पिछले तीन महीनों के भीतर जारी किए गए बिजली बिल और घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर के बिल को भी वैध एड्रेस प्रूफ माना जाएगा। वहीं दूसरी तरफ, इस लिस्ट में से भारतीय जीवन बीमा निगम की पॉलिसियों को पते के प्रमाण के रूप में हटाने का प्रस्ताव रखा गया है।
5. लैमिनेटेड या वाटरप्रूफ PVC कार्ड में मिलेंगे लाइसेंस
इस ड्राफ्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि अब प्राधिकारियों द्वारा जारी या रिन्यू किए जाने वाले सभी ड्राइविंग लाइसेंस साधारण कागज के बजाय अनिवार्य रूप से लैमिनेटेड या उच्च गुणवत्ता वाले पॉलीविनाइल क्लोराइड (PVC) कार्ड में ही नागरिकों को प्रदान किए जाएंगे।
महत्वपूर्ण नोट: यहाँ यह ध्यान रखना बेहद आवश्यक है कि केंद्रीय मंत्रालय द्वारा जारी किए गए ये नियम अभी केवल एक ‘प्रस्तावित ड्राफ्ट’ हैं। सरकार ने इस अधिसूचना को प्रकाशित कर अगले 30 दिनों के भीतर आम जनता, एक्सपर्ट्स और संबंधित पक्षों से सुझाव एवं आपत्तियां मांगी हैं। इन सुझावों की समीक्षा करने के बाद ही सरकार अंतिम अधिसूचना जारी करेगी, जिसके बाद ही ये नियम पूरे देश में कानूनी रूप से लागू होंगे।
