हार्वर्ड मेडिकल स्कूल का बड़ा फैसला: शवों के अंग चोरी मामले में 47 परिवारों को देगा 53 मिलियन डॉलर का मुआवजा
बोस्टन (अमेरिका): हार्वर्ड मेडिकल स्कूल ने अपने मुर्दाघर (Morgue) से मानव अंगों की चोरी और अवैध बिक्री के विवाद को सुलझाने के लिए एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। यूनिवर्सिटी प्रशासन पीड़ित 47 परिवारों को सामूहिक रूप से 53 मिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 507 करोड़ रुपये) का मुआवजा देने पर सहमत हो गया है। यह राशि उन परिवारों को दी जाएगी जिनके प्रियजनों के शवों के साथ मुर्दाघर के पूर्व प्रबंधक ने बर्बरता की थी।
क्या है पूरा मामला?
यह हैरान करने वाला मामला साल 2023 में तब सामने आया था, जब एफबीआई (FBI) की जांच में हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के पूर्व मुर्दाघर प्रबंधक सेड्रिक लॉज (Cedric Lodge) की काली करतूतों का खुलासा हुआ।
सेड्रिक लॉज पर आरोप था कि उसने साल 2018 से 2020 के बीच चिकित्सा अनुसंधान और शिक्षा के लिए दान किए गए शवों के अंगों को चोरी-छिपे काटा। इसके बाद उसने अपनी पत्नी के साथ मिलकर मानव मस्तिष्क, त्वचा, चेहरे, सिर और हड्डियों को देश भर के खरीदारों को ब्लैक मार्केट में ऑनलाइन बेच दिया। इस मामले में कोर्ट ने दिसंबर 2025 में सेड्रिक लॉज को दोषी पाते हुए 8 साल जेल की सजा सुनाई थी।
परिवारों ने लगाया था लापरवाही का आरोप
शव दान करने वाले दाताओं के परिवारों ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के खिलाफ क्लास-एक्शन मुकदमा दायर किया था। परिवारों का कहना था कि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने शवों की सुरक्षा और प्रबंधन में भारी लापरवाही बरती, जिसके कारण उनके प्रियजनों के अवशेषों का अपमान हुआ। कोर्ट के बाहर हुए इस नए समझौते (Settlement) के तहत अब मुकदमों को बंद किया जाएगा और दो अलग-अलग फंड बनाकर पीड़ितों को मुआवजा राशि बांटी जाएगी।
हार्वर्ड ने मांगी माफी, किए बड़े सुधार
इस शर्मनाक घटना के बाद हार्वर्ड मेडिकल स्कूल ने पीड़ित परिवारों से माफी मांगी है। यूनिवर्सिटी ने अपने ‘एनाटॉमिकल गिफ्ट प्रोग्राम’ (Anatomical Gift Program) की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए बाहरी विशेषज्ञों की एक समिति बनाई है। इसके अलावा, अंग दान करने वाले दाताओं की याद में शैक्षणिक वर्ष 2027-28 से मेडिकल छात्रों के लिए एक विशेष वार्षिक छात्रवृत्ति (Scholarship) शुरू करने की भी घोषणा की गई है।
