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संजीवनी बूटी मिशन” के लिए हम सरकार से आर्थिक सहायता नहीं सिर्फ अनुमति और सहयोग चाहते हैं.

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संजीवनी बूटी मिशन” के लिए हम सरकार से आर्थिक सहायता नहीं सिर्फ अनुमति और सहयोग चाहते हैं.
हेलमेट मैन ऑफ इंडिया ने गोल्डेन ऑवर में यमुना एक्सप्रेसवे पर सड़क हादसों में घायल व्यक्ति को हेलीकॉप्टर एंबुलेंस के माध्यम जिन्दगी बचाने के लिए आज यमुना प्राधिकरण को ज्ञापन सौंपा.
और कहा सरकारी खजाने पर कोई अतिरिक्त बोझ डाले बिना, एक प्रभावी हेलीकॉप्टर आपातकालीन चिकित्सा सेवा के माध्यम से हर वर्ष सड़क हादसों में घायल होने वाले हजारों लोगों की जिंदगी बचाई जा सकती है।

यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण के अधिकारी IAS शैलेंद्र सिंह ने ज्ञापन प्राप्त करते हुए “संजीवनी बूटी मिशन” को एक ऐतिहासिक पहल बताया। उन्होंने कहा आज हमारा जन्मदिन भी है और अपने जन्मदिन शुभ अवसर इस तरह का ऐतिहासिक मिशन पर कार्य करने में खुशी होगी. क्योंकि कोविड खत्म होने के बाद हर सप्ताह सड़क दुर्घटना से संबंधित मदद के लिए कॉल आती रहती है जहां मैं भी मजबूर हो जाता हूं.

आज यमुना प्राधिकरण के सामने हेलमेट मैन ऑफ इंडिया की टीम ने एविएशन से जुड़ी तकनीकी जानकारी डॉ. नवनीत ने विस्तारपूर्वक प्रस्तुत की। एविएशन इंडस्ट्री में लगभग 25 वर्षों का अनुभव रखने वाले डॉ. नवनीत ने भारत सहित दुनिया के कई देशों में कठिन परिस्थितियों में 5,000 से अधिक लोगों के रेस्क्यू ऑपरेशन में योगदान दिया है. इस पूरे मिशन के लिए हेलीकॉप्टर की उपलब्धता EMSOS pvt Ltd के माध्यम से होगा. जो एक्सप्रेसवे पर गुजरने वाली प्रति वाहन टोल के माध्यम से सिर्फ ₹1 प्राप्त होगा. इसके अलावा कोई भी अतिरिक्त शुल्क किसी भी वाहन को नहीं देना होगा. हेलीपैड एवं DGCA संबंधित ग्राउंड के सभी कार्य भारतीय सेना में महत्वपूर्ण योगदान दे चुके कर्नल मोहित गौण देंगे. इन्होंने कहा सीमाओं की रक्षा के साथ-साथ अब सड़कों पर होने वाली दुर्घटनाओं के खिलाफ लड़ाई लड़ने की आवश्यकता है। यमुना एक्सप्रेसवे पर हेलीकॉप्टर सेवा सिर्फ ₹1 में आम जनता सुविधा उपलब्ध करना मेरे लिए गर्व की बात है.

“संजीवनी बूटी मिशन” का उद्देश्य उन दुर्घटना पीड़ितों तक तेजी से चिकित्सा सहायता पहुंचाना है, जहां सड़क मार्ग से अस्पताल पहुंचने में महत्वपूर्ण समय लग जाता है। डीपीआर में चिन्हित दुर्घटना-प्रवण स्थानों पर घायल व्यक्ति को समय पर अस्पताल पहुंचाना आज भी भारत में एक बड़ी चुनौती है।

Helmet Man of India राघवेंद्र कुमार की टीम इस चुनौती का समाधान लेकर प्राधिकरण के सामने पहुंची थी. टीम ने हेलीकॉप्टर की उपलब्धता, ऑपरेशनल व्यवस्था, जमीन पर आवश्यक तैयारी और रेस्क्यू सिस्टम से जुड़ी पूरी कार्ययोजना प्रस्तुत की।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस पहल को सरकारी राजस्व पर अतिरिक्त बोझ डाले बिना संचालित करने की योजना है।

सरकार के खजाने से ₹1 भी नहीं चाहिए। सिर्फ अनुमति चाहिए कि जब यमुना एक्सप्रेसवे पर किसी इंसान की जिंदगी खतरे में हो, तो उसे बचाने के लिए हेलीकॉप्टर घटनास्थल पर उतारा जा सके.

लक्ष्य सिर्फ एक है हादसा होने के बाद समय बर्बाद नहीं होना चाहिए, क्योंकि हर सेकंड किसी की जिंदगी बचा सकता है.
ज्ञापन पत्र के साथ पवन द्विवेदी, सिद्धि विनायक, श्रेया सिंह 7x ओमप्रकाश, नन्द किशोर आदि.

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