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मौसम अलर्ट: ओडिशा, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के 33 जिलों में ‘फ्लैश फ्लड’ की गंभीर चेतावनी, उफान पर नदियां

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मौसम अलर्ट: ओडिशा, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के 33 जिलों में ‘फ्लैश फ्लड’ की गंभीर चेतावनी, उफान पर नदियां

नई दिल्ली:
देश के मध्य और दक्षिणी हिस्सों में जारी मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। मौसम विभाग और केंद्रीय जल आयोग ने एक संयुक्त आपातकालीन बुलेटिन जारी कर ओडिशा, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना सहित 4 राज्यों के 33 जिलों में अचानक आने वाली बाढ़ (Flash Flood) का हाई अलर्ट जारी किया है। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण इन क्षेत्रों की प्रमुख नदियों और पहाड़ी नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे निचले इलाकों के डूबने का खतरा पैदा हो गया है।

राज्यों में खतरे की स्थिति (33 प्रभावित जिले):

आपदा प्रबंधन विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों को रेड और ऑरेंज श्रेणी में रखते हुए हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं:

  • ओडिशा (9 जिले): राज्य के दक्षिणी जिलों में सबसे ज्यादा संकट देखा जा रहा है। भारी बारिश के चलते पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन और सड़कों पर पानी भरने से यातायात ठप हो गया है। प्रशासन ने एहतियातन आपदा प्रबंधन टीमों को तैनात कर दिया है।
  • तटीय आंध्र प्रदेश (14 जिले): विशाखापत्तनम समेत तटीय बेल्ट के 14 जिलों में सबसे अधिक जोखिम है। समुद्र में ऊंची लहरें उठने और तटीय नदियों में उफान आने से रिहाइशी इलाकों में पानी घुसने की आशंका बनी हुई है।
  • तेलंगाना (6 जिले): राज्य के 6 जिलों में नदियों का जलस्तर खतरे के निशान को छू रहा है। निचले और ग्रामीण इलाकों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
  • छत्तीसगढ़ (4 जिले): बस्तर और उससे सटे दक्षिणी इलाकों के 4 जिलों में मिट्टी लगातार हो रही बारिश से पूरी तरह गीली हो चुकी है। अब पानी जमीन के भीतर न जाकर सीधे बाढ़ का रूप ले रहा है, जिससे स्थानीय नदी-नाले उफान पर हैं।

प्रशासन की सुरक्षा एडवाइजरी और तैयारियां

बिगड़ते हालातों को देखते हुए राज्य सरकारों ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं:

  1. सुरक्षित आश्रय गृह: सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले संवेदनशील जिलों में राहत शिविर (Flood Relief Camps) एक्टिव कर दिए गए हैं ताकि आपात स्थिति में लोगों को तुरंत वहां शिफ्ट किया जा सके।
  2. तटीय और नदी क्षेत्रों पर रोक: मछुआरों और स्थानीय नागरिकों को उफनती नदियों, जलाशयों और जलभराव वाले क्षेत्रों के पास न जाने की सख्त हिदायत दी गई है।
  3. यातायात से बचने की अपील: प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे पानी से लबालब भरे पुलों या रपटों को पार करने का जोखिम न उठाएं और बहुत जरूरी होने पर ही यात्रा करें।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मौसम का यह उग्र रूप अगले 24 से 48 घंटों तक सक्रिय रह सकता है, इसलिए इन 33 जिलों में अगले दो दिन बेहद संवेदनशील माने जा रहे हैं।

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