Home देश सुपरपावर बनेगा भारत: अमेरिका को पछाड़ नंबर-1 बनने की टाइमलाइन तय!

सुपरपावर बनेगा भारत: अमेरिका को पछाड़ नंबर-1 बनने की टाइमलाइन तय!

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नई दिल्ली: भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian Economy) इस समय दुनिया में सबसे तेजी से आगे बढ़ रही है। वैश्विक मंच पर भारत का दबदबा इस कदर बढ़ चुका है कि अब दुनिया के बड़े-बड़े आर्थिक विशेषज्ञ भी इसका लोहा मानने लगे हैं। हाल ही में दिग्गज अमेरिकी अर्थशास्त्री जेफ्री सैक्स (Jeffrey Sachs) ने भारत के भविष्य को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि आने वाले 25 वर्षों के भीतर भारत आर्थिक ताकत के मामले में अमेरिका (US) को पीछे छोड़ देगा।

एशिया की तरफ शिफ्ट हो रहा है आर्थिक केंद्र

मशहूर अर्थशास्त्री जेफ्री सैक्स के अनुसार, वैश्विक अर्थव्यवस्था का केंद्र बिंदु अब पूरी तरह से एशिया की तरफ शिफ्ट हो रहा है। उन्होंने अनुमान लगाया है कि अगले 25 साल यानी एक चौथाई सदी से भी कम समय में भारत और चीन दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं बनकर उभरेंगे। इस बड़े आर्थिक उलटफेर में अमेरिका खिसककर तीसरे पायदान पर पहुंच जाएगा।

इस सदी के अंत तक नंबर-1 बनेगा भारत!

सिर्फ जेफ्री सैक्स ही नहीं, बल्कि ‘ऑर्गनाइजेशन फॉर इकोनॉमिक को-ऑपरेशन एंड डेवलपमेंट’ (OECD) और कई अन्य एक्सपर्ट्स के अनुमान भी यही इशारा करते हैं कि अगर भारत अपनी मौजूदा विकास दर को बनाए रखता है, तो इस सदी के अंत (Century End) तक भारत दुनिया की नंबर-1 अर्थव्यवस्था बन सकता है।

हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत फिलहाल दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है, जिसकी तिमाही जीडीपी ग्रोथ 7.8 फीसदी तक दर्ज की गई है। वित्तीय विश्लेषकों का मानना है कि भारत जल्द ही जर्मनी और जापान जैसी महाशक्तियों को पछाड़कर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है।

इन कारणों से US-China को पछाड़ेगा भारत

विशेषज्ञों ने भारत की इस रफ्तार के पीछे तीन सबसे मुख्य वजहें बताई हैं:

  • युवा आबादी (Demographic Dividend): भारत के पास इस समय दुनिया की सबसे बड़ी कामकाजी और युवा आबादी है, जो अगले कई दशकों तक उत्पादन और खपत को बढ़ावा देगी।
  • तकनीक और इनोवेशन: डिजिटल इंडिया, फिनटेक और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भारत का इनोवेशन दुनिया में सबसे एडवांस स्टेज पर पहुंच रहा है।
  • बढ़ता निवेश: घरेलू और विदेशी निवेशकों के लिए भारत इस समय सबसे पसंदीदा मार्केट बना हुआ है, जिससे इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूती मिल रही है।

विशेषज्ञों का साफ कहना है कि यदि भारत अपनी इस रफ्तार को जारी रखता है, तो 2050 से 2075 के बीच वैश्विक आर्थिक मंच पर एक नया इतिहास लिखा जाएगा, जहां भारत अमेरिका को पछाड़कर दुनिया का नया आर्थिक सुपरपावर होगा।


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