इंदौर: रक्षाबंधन पर क्राइम ब्रांच का डिजिटल तोहफा, लौटाए 75 लाख के 238 गुमशुदा मोबाइल
इंदौर। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर इंदौर पुलिस की क्राइम ब्रांच ने कई परिवारों के चेहरों पर दोहरी खुशी बिखेर दी है। पुलिस की साइबर सेल टीम ने एक विशेष अभियान चलाकर देश के अलग-अलग राज्यों से कुल 238 गुमशुदा स्मार्टफोन बरामद किए हैं, जिन्हें त्योहार के मौके पर उनके असली मालिकों को सौंप दिया गया। रिकवर किए गए इन सभी मोबाइल फोनों की कुल अनुमानित कीमत करीब 75 लाख रुपये आंकी गई है।
पुलिस कमिश्नर कार्यालय में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान जब लोगों को उनके खोए हुए कीमती फोन वापस मिले, तो कई नागरिकों की आंखें खुशी से छलक उठीं। बरामद किए गए हैंडसेट्स में एप्पल (iPhone), वनप्लस, सैमसंग, ओप्पो, वीवो और रियलमी जैसी नामी कंपनियों के महंगे स्मार्टफोन शामिल हैं।
आधुनिक तकनीक और ‘सिटिजन कॉप’ की मदद से मिली सफलता
क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के मुताबिक, अधिकांश पीड़ितों ने अपने मोबाइल गुम होने की शिकायत इंदौर पुलिस के आधिकारिक ‘Citizen Cop’ मोबाइल एप्लीकेशन पर दर्ज कराई थी। इसके बाद साइबर सेल की टीम ने भारत सरकार के दूरसंचार विभाग द्वारा जारी CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल की मदद से इन फोनों को ट्रेसिंग पर डाला।
साइबर विशेषज्ञों की कड़ी मशक्कत के बाद इन मोबाइलों की लोकेशन न केवल मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में मिली, बल्कि राजस्थान, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे पड़ोसी राज्यों से भी इन्हें ट्रैक कर इंदौर लाया गया।
इंदौर पुलिस की अपील
इस बड़ी कामयाबी पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि मोबाइल फोन गुम या चोरी होने की स्थिति में तुरंत ‘सिटिजन कॉप’ ऐप या नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं। समय पर मिली सूचना और आधुनिक तकनीकी टूल्स (जैसे CEIR) के सटीक उपयोग से फोन मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है। त्योहार के इस सीजन में अपना खोया हुआ कीमती फोन और उसमें मौजूद जरूरी डेटा वापस पाकर नागरिकों ने इंदौर पुलिस की मुस्तैदी और इस सराहनीय पहल का दिल से आभार जताया है।
