Home मध्य प्रदेश इंदौर: ‘नकली पट्टा कांड’ में हीरानगर थाना प्रभारी सुशील पटेल सस्पेंड, सोशल...

इंदौर: ‘नकली पट्टा कांड’ में हीरानगर थाना प्रभारी सुशील पटेल सस्पेंड, सोशल मीडिया पर खुली थी पोल

0

इंदौर: ‘नकली पट्टा कांड’ में हीरानगर थाना प्रभारी सुशील पटेल सस्पेंड, सोशल मीडिया पर खुली थी पोल

इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के हीरानगर थाने से जुड़े चर्चित ‘नकली पट्टा’ मामले में पुलिस प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। आरोपियों के हाथ-पैर में फर्जी प्लास्टर और पट्टियां बंधवाकर जुलूस निकालने और पुलिस की छवि धूमिल करने के आरोप में हीरानगर थाना प्रभारी (TI) सुशील पटेल को सस्पेंड कर दिया गया है।

क्या है पूरा मामला?

बीती 21 जुलाई को हीरानगर पुलिस ने कार में तोड़फोड़ और जानलेवा हमला करने के आरोप में दो बदमाशों (मयंक और शोभित) को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों का सार्वजनिक रूप से जुलूस निकाला। इस जुलूस के दौरान दोनों आरोपियों के हाथ और पैर पर मेडिकल पट्टियां और प्लास्टर बंधे हुए थे और वे लंगड़ाकर चलने का नाटक कर रहे थे। पुलिस इसके जरिए जनता में यह संदेश देना चाहती थी कि कार्रवाई के दौरान अपराधियों को सबक सिखाया गया है।

जेल के गेट पर खुला राज

पुलिस का यह ‘सिंघम ड्रामा’ तब बेनकाब हो गया जब आरोपियों को सेंट्रल जेल ले जाया गया। जेल के मुख्य द्वार के बाहर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें दोनों आरोपी पुलिस की मौजूदगी में ही अपने हाथों पर बंधे नकली पट्टे और प्लास्टर को खुद खोलकर फेंकते हुए दिखाई दिए। पट्टियां हटाते ही दोनों आरोपी बिल्कुल सामान्य रूप से बिना किसी दर्द या दिक्कत के चलने लगे।

रिश्वत के आरोप और विभागीय गाज

इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद इंदौर पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए। वायरल वीडियो के साथ यह आरोप भी लगा कि पुलिसकर्मियों ने आरोपियों से ₹20,000 की रिश्वत लेकर जनता के गुस्से को शांत करने के लिए यह नकली पट्टियों का नाटक रचा था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर ने जांच के आदेश दिए थे। प्राथमिक विभागीय जांच की रिपोर्ट आने के बाद, कर्तव्य के प्रति लापरवाही और पुलिस विभाग की छवि खराब करने के आरोप में आखिरकार हीरानगर थाना प्रभारी सुशील पटेल को निलंबित कर दिया गया। इसके साथ ही मामले से जुड़े अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version