इंदौर में सीएम के परिचित का मोबाइल गुम: 10 थानों की पुलिस अलर्ट, मुख्यमंत्री निवास से फोन आते ही कमिश्नर-DCP एक्शन में
इंदौर: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। मुख्यमंत्री (CM) के एक बेहद करीबी परिचित का मोबाइल गुम होने के बाद इंदौर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। शुरुआत में पुलिस द्वारा मामूली समझकर टाल दिए गए इस मामले में जैसे ही मुख्यमंत्री निवास (CM House) से इंदौर पुलिस को फोन घनघनाया, वैसे ही शहर के कमिश्नर और डीसीपी (DCP) स्तर के आला अधिकारी तुरंत एक्टिव हो गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए इंदौर के 10 थानों की पुलिस को मोबाइल तलाशने के काम में झोंक दिया गया है।
इंदौर में नहीं लिखी गई थी FIR
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जब पीड़ित का मोबाइल गुम या चोरी हुआ, तो वे इसकी शिकायत लेकर स्थानीय पुलिस स्टेशन पहुंचे थे। अमूमन आम जनता के मोबाइल गुम होने के मामलों की तरह ही, पुलिस ने शुरुआत में इसे गंभीरता से नहीं लिया और थाने में इसकी कोई औपचारिक एफआईआर (FIR) दर्ज नहीं की गई। पीड़ित को काफी देर तक चक्कर काटने पड़े, जिसके बाद यह बात मुख्यमंत्री निवास तक पहुंच गई।
सीएम हाउस से फोन आते ही मची खलबली
जैसे ही भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास से इंदौर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के पास सीधे फोन पहुंचा और वीआईपी (VIP) कनेक्शन की बात सामने आई, वैसे ही पूरे पुलिस महकमे के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन में मामले को दबाने और मोबाइल रिकवर करने के लिए कमिश्नर और डीसीपी ने कड़े निर्देश जारी किए।
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10 थानों की फोर्स और साइबर सेल अलर्ट पर
वर्तमान में इंदौर के 10 से अधिक थानों के थाना प्रभारियों (TI) और बीट प्रभारियों को मोबाइल की लोकेशन ट्रेस करने और संदिग्धों से पूछताछ करने के लिए फील्ड पर उतार दिया गया है। इसके साथ ही इंदौर साइबर सेल की स्पेशल टीम को मोबाइल के आईएमईआई (IMEI) नंबर को लगातार सर्विलांस पर रखने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस की कई टीमें सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगालने में जुटी हैं ताकि मोबाइल का सुराग जल्द से जल्द लगाया जा सके।
यह मामला अब इंदौर के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है कि जो पुलिस आम जनता के मोबाइल चोरी होने पर महीनों चक्कर कटवाती है, वह वीआईपी प्रेशर आते ही कैसे पलक झपकते ही सुपर-एक्टिव मोड में आ जाती है।
