इंदौर, 12 सितंबर आशीष जावड़ेकर: इंदौर के मांगलिया औद्योगिक क्षेत्र स्थित सांची दुग्ध संघ (इंदौर सहकारी दुग्ध संघ) के मुख्य परिसर में शुक्रवार शाम एक दिल दहला देने वाली दुर्घटना सामने आई है। पेड़ा बनाने वाली यूनिट में दूध उबालने के दौरान अचानक एक बड़े उपकरण (फ्रायर कंटेनर) में तकनीकी खराबी आ गई, जिसके बाद वह जोरदार धमाके के साथ फट गया। इस आकस्मिक विस्फोट की वजह से वहां मौजूद कर्मचारियों पर खौलता हुआ गर्म मावा गिर गया और मशीन का हिस्सा लगने से एक कर्मचारी की जान चली गई।
भाप के दबाव ने रूप लिया तबाही का
प्रारंभिक प्रशासनिक और पुलिस जांच के अनुसार, हादसा शाम के वक्त उस दौरान हुआ जब कड़ाही में ‘खोया पेड़ा’ तैयार करने के लिए दूध को तेजी से उबाला जा रहा था। अचानक फ्रायर मशीन के भीतर भाप का दबाव (स्टीम प्रेशर) अपनी तय सीमा से काफी ज्यादा बढ़ गया। प्रेशर सेफ्टी वॉल्व समय पर काम नहीं कर सका, जिससे पूरा कंटेनर एक धमाके के साथ उखड़ गया। धमाका इतना तीव्र था कि कड़ाही में मौजूद उबलते हुए लिक्विड मावे के छींटे दूर-दूर तक फैले और वहां कार्यरत कर्मचारी बुरी तरह झुलस गए।
सागर के विनोद ने इलाज के दौरान तोड़ा दम
इस अप्रत्याशित हादसे में सागर जिले के निवासी 37 वर्षीय टेक्निशियन विनोद कुमार चडार गंभीर रूप से घायल हो गए थे। धमाके के वक्त मशीन का एक भारी हिस्सा उनके सिर से टकराया, जिससे वे अचेत हो गए। उनके साथ ही सिंगापुर टाउनशिप के रहने वाले 34 वर्षीय कर्मचारी तेज सिंह भी बुरी तरह प्रभावित हुए।
घटना के फौरन बाद प्लांट में भगदड़ मच गई। दोनों को आनन-फानन में इंदौर के बॉम्बे हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान डॉक्टरों ने विनोद को मृत घोषित कर दिया। घायल तेज सिंह का उपचार अभी जारी है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
अस्पताल पहुंचे मंत्री तुलसी सिलावट, दिए सख्त निर्देश
घटनाक्रम की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश के कैबिनेट मंत्री तुलसी सिलावट तत्काल बॉम्बे हॉस्पिटल पहुंचे। उन्होंने डॉक्टरों की टीम से मुलाकात कर घायल तेज सिंह के इलाज की प्रगति रिपोर्ट ली और निर्देश दिए कि चिकित्सा में कोई कमी न छोड़ी जाए। मंत्री ने मृतक के शोक संतप्त परिजनों से भी बात की और उन्हें सांत्वना देते हुए शासन स्तर पर हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
लापरवाही या सिर्फ तकनीकी खराबी? जांच शुरू
इस वीभत्स हादसे ने सांची प्लांट के आंतरिक सुरक्षा ऑडिट और मशीनों के रख-रखाव पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। प्लांट के कुछ अंदरूनी सूत्रों का दावा है कि उपकरण काफी समय से पुराना हो चुका था। हालांकि, सांची दुग्ध संघ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) विशाल मिश्रा ने लापरवाही की बात से इनकार करते हुए कहा है कि मशीनों का नियमित ऑडिट किया जाता है और यह एक बेहद दुर्भाग्यपूर्ण तकनीकी दुर्घटना थी।
वर्तमान में एसीपी पराग सैनी और लसूड़िया थाना पुलिस की टीम फॉरेंसिक विशेषज्ञों के साथ मिलकर घटना की असल वजह तलाश रही है।
