इंदौर: गर्मियों के मौसम में शहर में होने वाली पानी की किल्लत और टैंकरों के जरिए होने वाले जल संकट को दूर करने के लिए इंदौर नगर निगम (IMC) ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब शहर के सभी प्रमुख पानी के हाइड्रेंट (Water Hydrants) सीसीटीवी (CCTV) कैमरों से लैस किए जाएंगे। इंदौर नगर निगम की मेयर-इन-काउंसिल (MIC) ने इस प्रस्ताव को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य पानी के टैंकरों के फेरों (Trips) और बाहरी व्यावसायिक वाहनों द्वारा की जाने वाली पानी की चोरी पर सख्त निगरानी रखना है।
जल वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने की तैयारी
हर साल गर्मी के दिनों में इंदौर के कई इलाकों में जल स्तर घटने से टैंकरों के जरिए पानी की सप्लाई की जाती है। इस दौरान अक्सर शिकायतें मिलती हैं कि टैंकर तय फेरे लगाने की बजाय निजी कमर्शियल उपयोग के लिए पानी ले जाते हैं या फिर निगम के हाइड्रेंट से बाहरी व अनाधिकृत वाहन अवैध रूप से पानी भरते हैं। अब कैमरों की मदद से कंट्रोल रूम से ही हर एक हाइड्रेंट पर सीधी नजर रखी जाएगी, जिससे पानी की बर्बादी और चोरी दोनों पर लगाम लगेगी।
MIC की बैठक में लिए गए अन्य महत्वपूर्ण फैसले
मेयर पुष्यमित्र भार्गव की अध्यक्षता में हुई एमआईसी की इस अहम बैठक में जल व्यवस्था के साथ-साथ शहर के विकास और सौंदर्यीकरण से जुड़े कई अन्य प्रस्तावों पर भी मुहर लगाई गई:
- 14 नए उद्यानों का विकास: शहर के अलग-अलग वार्डों में पर्यावरण को बढ़ावा देने और जनता की सुविधा के लिए 14 नए बगीचे (Gardens) विकसित किए जाएंगे।
- सड़कों का चौड़ीकरण और निर्माण: शहर की प्रमुख अंदरूनी सड़कों और मुख्य मार्गों के चौड़ीकरण (Widening) के साथ ही डामरीकरण और सीमेंट-कंक्रीट (CC) रोड निर्माण के करोड़ों रुपये के टेंडरों को स्वीकृति दी गई है।
- ड्रेनेज और बैकलेन का कायाकल्प: जलजमाव की समस्या से निपटने के लिए ड्रेनेज लाइनों के विस्तार और बस्तियों की बैकलेन को दुरुस्त करने के प्रस्ताव पास हुए हैं।
कंट्रोल रूम से होगी रियल-टाइम मॉनिटरिंग
इस नई व्यवस्था के तहत हाइड्रेंट पर लगे सीसीटीवी कैमरों का सीधा कनेक्शन नगर निगम के केंद्रीय कंट्रोल रूम से होगा। अधिकारियों के मुताबिक, पानी भरने आने वाले हर सरकारी और अनुबंधित टैंकर का रिकॉर्ड कैमरे में दर्ज होगा। यदि कोई बाहरी या बिना अनुमति वाला कमर्शियल वाहन हाइड्रेंट से पानी भरता पाया गया, तो उस पर तुरंत दंडात्मक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। निगम का मानना है कि इस तकनीक से आने वाली गर्मियों में शहर के जरूरतमंद इलाकों तक पानी की सही और समय पर सप्लाई सुनिश्चित की जा सकेगी।
