देश का सबसे बड़ा आईपीओ: खुलने के कुछ ही घंटों में फुली सब्सक्राइब हुआ रिलायंस जियो का IPO, जानें प्राइस बैंड और सभी जरूरी डिटेल्स
भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में आज एक नया रिकॉर्ड बन गया है। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की डिजिटल और टेलीकॉम विंग यानी जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड (Jio Platforms Ltd) का बहुप्रतीक्षित 30,213 करोड़ रुपये का मेगा आईपीओ आज, 21 अक्टूबर 2026 से आम जनता के सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है। बाजार में उतरते ही इस आईपीओ को लेकर निवेशकों में अभूतपूर्व उत्साह देखा गया और यह खुलने के कुछ ही घंटों के भीतर पूरी तरह (100%) सब्सक्राइब हो गया।
यह भारत के कॉर्पोरेट इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) है, जिसने आकार के मामले में हुंडई मोटर्स इंडिया के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है।
क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स ने दिखाई जबरदस्त रफ्तार
एनएसई और बीएसई से मिले शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को इतनी तेजी से भरने में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) यानी संस्थागत निवेशकों की बोलियों ने सबसे बड़ी भूमिका निभाई। बोली शुरू होने के शुरुआती 35 से 100 मिनट के भीतर ही यह इश्यू पूरी तरह ओवरसब्सक्राइब होने की कगार पर पहुंच गया। इस ब्लॉकबस्टर शुरुआत से साफ है कि बाजार को देश की इस सबसे बड़ी टेलीकॉम और डिजिटल इकोसिस्टम कंपनी पर पूरा भरोसा है। पब्लिक के लिए खुलने से ठीक पहले, 19 अक्टूबर को एंकर इनवेस्टर्स के जरिए ही कंपनी ने एलआईसी, ब्लैकरॉक और फिडेलिटी जैसी दिग्गज संस्थाओं से 8,110 करोड़ रुपये की बड़ी रकम जुटा ली थी।
100% फ्रेश इश्यू: कंपनी को मिलेगा पूरा पैसा
इस आईपीओ की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पूरी तरह से एक फ्रेश इश्यू (Fresh Issue) है। इसका मतलब है कि कंपनी कुल 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी कर रही है और इसमें कोई भी ‘ऑफर फॉर सेल’ (OFS) कंपोनेंट शामिल नहीं है। रिलायंस इंडस्ट्रीज, मेटा (Meta), गूगल (Google) या सऊदी अरब के पीआईएफ (PIF) जैसे मौजूदा शेयरधारकों में से कोई भी अपने शेयर नहीं बेच रहा है। इस आईपीओ से मिलने वाली पूरी राशि सीधे जियो प्लेटफॉर्म्स के पास जाएगी, जिसका बड़ा हिस्सा रिलायंस जियो इन्फोकॉम के कर्ज को चुकाने और भविष्य के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को मजबूत करने में इस्तेमाल होगा।
प्राइस बैंड, लॉट साइज और निवेश की पूरी जानकारी
रिटेल और आम निवेशकों के लिए निवेश की शर्तें बेहद स्पष्ट रखी गई हैं। कंपनी ने प्रति शेयर का प्राइस बैंड 1,065 रुपये से 1,119 रुपये तय किया है। आम निवेशकों को कम से कम 12 शेयरों के 1 लॉट के लिए आवेदन करना अनिवार्य होगा। ऊपरी प्राइस बैंड के हिसाब से एक लॉट के लिए न्यूनतम 13,428 रुपये का निवेश करना होगा। कोई भी खुदरा निवेशक अधिकतम 14 लॉट (168 शेयर) के लिए बोली लगा सकता है, जिसके लिए करीब 1.88 लाख रुपये की आवश्यकता होगी। रिलायंस इंडस्ट्रीज के मौजूदा शेयरधारकों के लिए भी इस आईपीओ में एक विशेष कोटा आरक्षित किया गया है।
ग्रे मार्केट में बंपर डिमांड, मजबूत लिस्टिंग के संकेत
अनौपचारिक बाजार यानी ग्रे मार्केट में भी जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों को लेकर जबर्दस्त हलचल बनी हुई है। बाजार जानकारों के अनुसार, जियो का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) करीब 22% से 24% के ऊपरी स्तर पर ट्रेड कर रहा है। यह प्रीमियम संकेत देता है कि 1,119 रुपये के मूल भाव के मुकाबले यह शेयर बाजार में 1,367 से 1,384 रुपये के आसपास लिस्ट हो सकता है, जिससे निवेशकों को पहले ही दिन प्रति लॉट पर एक शानदार लिस्टिंग गेन (Listing Gain) मिलने की उम्मीद है। मोतीलाल ओसवाल जैसी प्रमुख ब्रोकरेज फर्मों ने कंपनी की बाजार हिस्सेदारी, मजबूत कैश जनरेशन और 5G व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) क्षेत्र में इसकी भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए इसे लंबी अवधि के लिए ‘सब्सक्राइब’ करने की सलाह दी है।
नोट कर लें आईपीओ की जरूरी तारीखें
यदि आप भी इस ऐतिहासिक आईपीओ में पैसा लगाने की सोच रहे हैं, तो इन तारीखों का विशेष ध्यान रखें:
- अप्लाई करने की समयसीमा: यह आईपीओ 21 अक्टूबर से शुरू होकर 23 अक्टूबर 2026 (शुक्रवार) तक खुला रहेगा।
- शेयर अलॉटमेंट की तारीख: सफल आवेदकों को शेयरों का अलॉटमेंट 26 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा।
- बाजार में लिस्टिंग: कंपनी के शेयर 28 अक्टूबर 2026 को आधिकारिक तौर पर बीएसई (BSE) और एनएसई (NSE) पर ट्रेड करने के लिए लिस्ट हो जाएंगे।
