युवाओं के भारी आक्रोश और पेपर लीक के पुख्ता प्रमाणों के बाद बैकफुट पर आई झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने बड़ा राजनीतिक फैसला लेते हुए जेएसएससी-सीजीएल (JSSC-CGL) परीक्षा को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। चुनावी साल में एक बड़ा और रणनीतिक दांव खेलते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केवल इस परीक्षा को ही निरस्त नहीं किया, बल्कि साल 2014 से लेकर अब तक (पिछले 12 वर्षों) राज्य में आयोजित हुई सभी सरकारी भर्ती परीक्षाओं की गहन सीआईडी (CID) जांच कराने के आदेश भी जारी कर दिए हैं। मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने जहां इस फैसले को सरकार की नाकामी छुपाने वाला ‘पॉलिटिकल स्टंट’ करार दिया है, वहीं शासन से जुड़े उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि राज्य के नए और कड़े एंटी-पेपर लीक कानून के तहत दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उनकी संपत्तियां भी कुर्क की जाएंगी। युवाओं के मन में दोबारा भरोसा जगाने के लिए सरकार ने आयोग को जल्द ही पूरी शुचिता और कड़ी सुरक्षा के बीच जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा की नई तारीखें घोषित करने का निर्देश भी जारी कर दिया है।
