करवा चौथ पर देश के बाजारों में ₹33,000 करोड़ का रिकॉर्ड कारोबार, इंदौर में फेस्टिव सीजन की सुस्ती हुई दूर
नई दिल्ली/इंदौर: पति-पत्नी के अटूट प्रेम और विश्वास का पर्व करवा चौथ देश भर के खुदरा बाजारों के लिए बड़ी संजीवनी साबित हुआ है। त्योहार संपन्न होने के बाद व्यापारिक संगठनों द्वारा जारी अंतिम रिपोर्ट के अनुसार, इस साल करवा चौथ के मौके पर देश भर के रिटेल मार्केट में करीब ₹33000 करोड़ से अधिक का ऐतिहासिक कारोबार दर्ज किया गया है। यह आंकड़ा पिछले साल के मुकाबले लगभग 17.86 की भारी बढ़ोतरी को दर्शाता है।
इस साल सबसे विशेष बात यह रही कि यह त्योहार केवल उत्तर भारत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मध्य भारत के प्रमुख कमर्शियल हब इंदौर के राजवाड़ा, मालवीय रोड और सराफा बाजारों में भी देर रात तक रिकॉर्ड-तोड़ खरीदारी देखी गई।
सोने-चांदी के सिक्कों और लाइटवेट ज्वेलरी की भारी बिक्री
आमतौर पर माना जाता है कि करवा चौथ पर सिर्फ पारंपरिक सुहाग सामग्री ही बिकती है, लेकिन इस साल सराफा बाजार ने बाजी मार ली। हालांकि त्योहार के दिन सुबह सोने की कीमतों में मामूली उतार-चढ़ाव देखा गया था, लेकिन दोपहर होते-होते दरों में आई स्थिरता ने ग्राहकों को ज्वेलरी शोरूम्स की तरफ आकर्षित किया।
आभूषण विक्रेताओं के अनुसार, भारी गहनों के बजाय इस बार कामकाजी और युवा महिलाओं को ध्यान में रखकर बनाई गई लाइटवेट डायमंड ज्वेलरी, ट्रेंडी बिछिया, चांदी के फैंसी करवे और नक्काशीदार पूजा थालियों की सबसे ज्यादा बिक्री हुई।
ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों बाजारों में बंपर उछाल
व्यापारिक संगठनों के डेटा से पता चलता है कि जहां एक तरफ इंदौर के स्थानीय कपड़े और सौंदर्य प्रसाधनों के बाजारों में पैर रखने की जगह नहीं थी, वहीं दूसरी तरफ डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (D2C) डिजिटल ब्रांड्स की बिक्री में भी 60 फीसदी से ज्यादा का उछाल देखा गया। मध्य भारत के क्षेत्रों में ऑनलाइन फेस्टिव-लेबल वाले उत्पादों (जैसे सजी हुई छलनी, करवा और रेडीमेड पूजा किट) का ऑर्डर पिछले साल से तीन गुना ज्यादा रहा, जिसने यह साबित कर दिया कि उपभोक्ता अब सुविधा और परंपरा दोनों को एक साथ अपना रहे हैं।
देर रात तक गुलजार रहे ब्यूटी पार्लर और मेहंदी काउंटर
त्योहार की पूर्व संध्या से लेकर करवा चौथ की शाम तक ब्यूटी पार्लरों, रेडीमेड साड़ियों के शोरूम और चूड़ी-कंगन की दुकानों पर महिलाओं की लंबी कतारें लगी रहीं। मेहंदी कलाकारों की मांग इतनी अधिक थी कि प्रमुख बाजारों के फुटपाथ पर सजे काउंटरों पर महिलाओं को अपनी बारी के लिए 3 से 4 घंटे तक का इंतजार करना पड़ा। व्यापारियों का कहना है कि पितृपक्ष के बाद से बाजार में जो हल्की सुस्ती देखी जा रही थी, वह करवा चौथ की इस बंपर सेल से पूरी तरह दूर हो गई है और अब आने वाली दीपावली के लिए व्यापारिक जगत का उत्साह दोगुना हो गया है।
