करवा चौथ के पावन अवसर पर मध्य प्रदेश में सुहागिनों के लिए चंद्रोदय (चांद निकलने) का समय उनके शहर की भौगोलिक स्थिति पर निर्भर करेगा। इस साल प्रदेश में सबसे पहले चांद सिंगरौली में रात 8:01 बजे दिखाई देगा, जबकि सबसे आखिरी में आलीराजपुर में रात 8:41 बजे नजर आएगा। इस तरह मध्य प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी छोर के बीच चांद दिखने के समय में लगभग 40 मिनट का अंतर रहेगा।
मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों में चंद्रोदय का समय
- सिंगरौली (सबसे पहले): इस सुदूर पूर्वी जिले में सबसे पहले रात 8:01 बजे चांद का दीदार होगा।
- रीवा: सिंगरौली के बाद रीवा में रात 8:11 बजे चंद्रमा दिखाई देगा।
- ग्वालियर: ग्वालियर में रहने वाली महिलाओं को रात 8:14 से 8:20 बजे के बीच चांद दिखेगा।
- जबलपुर: संस्कारधानी जबलपुर में चंद्रोदय का समय रात 8:15 से 8:20 बजे के बीच रहेगा।
- गुना: गुना और इसके आसपास के क्षेत्रों में रात 8:22 बजे चांद नजर आएगा।
- सागर: सागर जिले में चंद्रोदय का संभावित समय रात 8:24 बजे है।
- भोपाल (राजधानी): राजधानी भोपाल में रात 8:26 बजे चंद्रमा के दर्शन होंगे।
- उज्जैन: बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में रात 8:32 से 8:38 बजे के बीच चांद दिखेगा।
- इंदौर: आर्थिक राजधानी इंदौर में चंद्रोदय का सटीक समय रात 8:34 बजे रहेगा।
- आलीराजपुर (सबसे आखिरी): प्रदेश के सुदूर पश्चिमी छोर पर स्थित आलीराजपुर में सबसे अंत में रात 8:41 बजे चांद नजर आएगा।
इंदौर में क्यों देरी से दिखता है चांद? जानें वैज्ञानिक कारण
विज्ञान विशेषज्ञों के अनुसार, मध्य प्रदेश के पूर्वी जिलों (जैसे सिंगरौली) और पश्चिमी जिलों (जैसे इंदौर और आलीराजपुर) के बीच चंद्रोदय के समय में यह अंतर पृथ्वी की गतिकी के कारण होता है। हमारी पृथ्वी अपनी धुरी पर पश्चिम से पूर्व की ओर घूमती है। देशांतर रेखा (Longitude) की स्थिति के कारण पूर्व के जिलों में चंद्रमा क्षितिज पर पहले उदित होता है, जबकि इंदौर जैसे पश्चिमी क्षेत्रों में पृथ्वी के घूर्णन के साथ चांद क्रमशः कुछ मिनट की देरी से दिखाई देता है।
इंदौर मौसम अपडेट: चक्रवात ‘अर्नब’ के कारण चांद देखने में हो सकती है देरी
इंदौर में करवा चौथ व्रत (Karwa Chauth Vrat in Indore) रखने वाली महिलाओं को इस बार चांद देखने के लिए थोड़ा अतिरिक्त इंतजार करना पड़ सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात ‘अर्नब’ (Cyclone Arnab) के प्रभाव के कारण मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्से, जिसमें इंदौर और भोपाल संभाग शामिल हैं, वहां आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है।
समय में अंतर होने का वैज्ञानिक कारण
विज्ञान विशेषज्ञों के अनुसार, मध्य प्रदेश के अलग-अलग शहरों में चंद्रोदय के समय में यह अंतर पृथ्वी की गतिकी और राज्य के बड़े भौगोलिक विस्तार के कारण होता है। हमारी पृथ्वी अपनी धुरी पर पश्चिम से पूर्व की ओर घूमती है। देशांतर रेखा (Longitude) के अनुसार जो जिले सुदूर पूर्व में स्थित हैं, वहां पृथ्वी के घूर्णन के कारण चंद्रमा क्षितिज (Horizon) पर सबसे पहले दिखाई देता है। जैसे-जैसे पृथ्वी आगे घूमती जाती है, वैसे-वैसे पश्चिम में स्थित जिलों में चंद्रमा क्रमशः बाद में दिखाई देता है।
मौसम का अलर्ट: बादलों के कारण हो सकती है देरी
इस बार करवा चौथ पर महिलाओं को चांद का दीदार करने के लिए थोड़ा अतिरिक्त इंतजार भी करना पड़ सकता है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, चक्रवातीय प्रभाव के कारण मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए रहने या हल्की बूंदाबांदी होने की संभावना है।
यदि आपके इलाके में घने बादल, कोहरा या ऊंची इमारतें हैं, तो क्षितिज पर चांद उदित होने के बाद भी उसे सीधे आंखों से देखने में 10 से 15 मिनट की देरी हो सकती है। ऐसी स्थिति में यदि आसमान साफ नहीं होता है, तो महिलाएं पंचांग द्वारा निर्धारित अपने शहर के चंद्रोदय समय के बाद पूर्व-उत्तर दिशा में चंद्रमा की उपस्थिति मानकर अर्घ्य दे सकती हैं और अपना व्रत विधि-विधान से पूरा कर सकती हैं।
