Home मध्य प्रदेश मध्य प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन की ऐतिहासिक वापसी: 25 सितंबर से शुरू...

मध्य प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन की ऐतिहासिक वापसी: 25 सितंबर से शुरू होगी ‘मुख्यमंत्री सुगम यात्री परिवहन सेवा’, 15,000 नई बसें बदलेंगी प्रदेश की सूरत

0

मध्य प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन की ऐतिहासिक वापसी: 25 सितंबर से शुरू होगी ‘मुख्यमंत्री सुगम यात्री परिवहन सेवा’, 15,000 नई बसें बदलेंगी प्रदेश की सूरत

इंदौर, 11 सितंबर 2026:
मध्य प्रदेश के करोड़ों यात्रियों के लिए आज का दिन एक ऐतिहासिक मोड़ लेकर आया है। इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित दो दिवसीय ‘यात्री परिवहन विजन समिट-2026’ का भव्य शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के परिवहन तंत्र को पूरी तरह बदलने का ऐलान किया है। मध्य प्रदेश में करीब दो दशकों (20 साल) के लंबे इंतजार के बाद एक बार फिर सरकारी निगरानी में सार्वजनिक बस सेवा की बहाली होने जा रही है।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि आगामी 25 सितंबर 2026 से पूरे प्रदेश में ‘मुख्यमंत्री सुगम यात्री परिवहन सेवा’ को आधिकारिक रूप से लागू कर दिया जाएगा।

75% ग्राम पंचायतों तक पहुंचेगी बस सेवा

इस नई योजना का सबसे बड़ा लाभ ग्रामीण क्षेत्रों को मिलेगा। सरकार का लक्ष्य प्रदेश की 75 प्रतिशत ग्राम पंचायतों को इस आधुनिक बस सेवा के नेटवर्क से सीधे जोड़ना है। इसके तहत पूरे मध्य प्रदेश में 15,000 से अधिक नई और आधुनिक बसें सड़कों पर उतारी जाएंगी। इस विशाल नेटवर्क के जरिए रोजाना 30 लाख से अधिक आम नागरिकों को सुरक्षित और किफायती सफर की सुविधा मिलेगी। इस पूरे प्रोजेक्ट का संचालन मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (MPYPIL) द्वारा किया जा रहा है।

यह भी पढ़े

MP Teacher Job Alert: सरकारी स्कूल में शिक्षक बनने का बड़ा मौका, 13,828 पदों पर सीधी भर्ती और 59 हजार शिक्षकों का प्रमोशन

हाईटेक सुरक्षा और 100% डिजिटल टिकटिंग

बदले दौर के साथ इस सरकारी बस सेवा को पूरी तरह हाईटेक बनाया गया है। इन बसों में सफर करने वाले यात्रियों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए CCTV कैमरे, पैनिक बटन और रियल-टाइम लोकेशन ट्रैकिंग (VLTD) सिस्टम इंस्टॉल किए गए हैं। इसके अलावा, यात्रियों की सहूलियत के लिए पूरे राज्य में 100% डिजिटल टिकटिंग और एक ‘एकीकृत किराया प्रणाली’ (Integrated Ticketing System) लागू की जा रही है, जिससे लोग कैशलेस सफर कर सकेंगे।

180 बस स्टैंड्स का होगा कायाकल्प, चलेंगी इलेक्ट्रिक बसें

इस समिट में केवल बसों को ही नहीं, बल्कि बस अड्डों के बुनियादी ढांचे को भी विश्वस्तरीय बनाने का खाका पेश किया गया है। प्रदेश के 180 से अधिक बस स्टैंड, टर्मिनल और डिपो को पीपीपी (Public-Private Partnership) मॉडल पर विकसित किया जाएगा, जहां यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी।

पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने ‘ग्रीन मोबिलिटी’ पर विशेष जोर दिया है। इस बेड़े में इलेक्ट्रिक, हाइड्रोजन और फ्लेक्स-फ्यूल बसों को शामिल किया जा रहा है। सरकार ने लक्ष्य रखा है कि साल 2027 तक राज्य की सड़कों पर 1,100 से अधिक इलेक्ट्रिक बसें दौड़ने लगेंगी।

इस नई शुरुआत से न केवल आम जनता का सफर आसान होगा, बल्कि राज्य में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। 25 सितंबर से शुरू होने जा रही यह सेवा मध्य प्रदेश के विकास की रफ्तार को एक नई गति देने के लिए तैयार है।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version