भोपाल:
मध्य प्रदेश के प्रतिभावान विद्यार्थियों के लिए एक बड़ी और उत्साहजनक खबर है। मध्य प्रदेश स्थापना दिवस (1 नवंबर) के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश के 102 प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को एक-एक लाख रुपये की ‘भगवान श्रीकृष्ण मेधावी छात्रवृत्ति’ और सम्मान प्रमाण-पत्र से नवाजेंगे। इस योजना की शुरुआत मुख्यमंत्री की विशेष पहल पर संस्कृति विभाग और श्रीकृष्ण पाथेय न्यास द्वारा की गई है।
लॉटरी के जरिए हुआ 102 विजेताओं का चयन
इस प्रतिष्ठित छात्रवृत्ति को पाने के लिए राज्य के विद्यार्थियों के बीच एक विशेष ऑनलाइन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित इस परीक्षा में सफल रहे छात्रों में से लॉटरी पद्धति के माध्यम से अंतिम 102 विजेताओं का पारदर्शी चयन किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी चयनित छात्र-छात्राओं को उज्ज्वल भविष्य की बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।
स्कूल और कॉलेज स्तर पर बराबर का मौका
इस छात्रवृत्ति वितरण को दो मुख्य श्रेणियों में समान रूप से विभाजित किया गया है, ताकि हर स्तर के मेधावी छात्र को इसका पूरा लाभ मिल सके। इसमें स्कूल स्तर यानी कक्षा 9वीं से 12वीं तक के 51 छात्र-छात्राओं का चयन किया गया है। वहीं दूसरी तरफ, उच्च शिक्षा श्रेणी जिसमें कॉलेज, विश्वविद्यालय, ITI और पॉलिटेक्निक के छात्र शामिल हैं, वहां से भी 51 छात्र-छात्राओं को चुना गया है। इन सभी विजेताओं को एकमुश्त ₹1,00,000 प्रति छात्र की राशि दी जाएगी।
भारतीय ज्ञान परंपरा को बढ़ावा देना है मुख्य उद्देश्य
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अनुसार, इस योजना का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को भारतीय ज्ञान परंपरा, सांस्कृतिक मूल्यों और भगवान श्रीकृष्ण के जीवन-दर्शन से जोड़ना है।
- प्रतियोगिता के दौरान छात्रों से भगवान श्रीकृष्ण, महर्षि सांदीपनि, उनके द्वारा अर्जित 64 कलाओं और 14 विद्याओं पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे गए थे।
- इस परीक्षा के माध्यम से छात्रों ने न केवल अपनी शैक्षणिक योग्यता साबित की, बल्कि अपनी अनमोल सांस्कृतिक विरासत को भी करीब से जाना है।
चयनित सभी 102 विद्यार्थियों को 1 नवंबर को आयोजित होने वाले भव्य राज्य स्थापना दिवस समारोह में मुख्यमंत्री के हाथों सीधे यह राशि और प्रमाण-पत्र सौंपे जाएंगे।
