इंदौर: सोशल मीडिया पर लाखों लोगों के दिलों पर राज करने वाले इंदौर के मशहूर डिजिटल क्रिएटर नमन मीणा का शनिवार को ब्रेन हेमरेज के कारण असमय निधन हो गया। नमन की मौत ने डिजिटल दुनिया की चकाचौंध के पीछे छिपे अकेलेपन और मानसिक तनाव के उस कड़वे सच को उजागर कर दिया है, जिससे आज की युवा पीढ़ी जूझ रही है।
डाउनफॉल ने अंदर से तोड़ दिया था
कभी इंस्टाग्राम पर 2.5 मिलियन (25 लाख) से ज्यादा फॉलोअर्स रखने वाले नमन मीणा के लिए सोशल मीडिया पर आया उतार-चढ़ाव मानसिक रूप से बड़ा झटका साबित हुआ। समय के साथ जब उनके फॉलोअर्स घटकर 2.1 मिलियन रह गए, तो आम लोगों के लिए यह सिर्फ एक नंबर था, लेकिन अपनी पहचान खोने के डर ने नमन को भीतर से झकझोर दिया था। वे अक्सर अपने करीबी दोस्तों से अपनी बदलती जिंदगी और पुराने दौर को लेकर उदासी जाहिर किया करते थे।
नशे को हराया, लेकिन बीमारी से हार गए
नमन को इस मुश्किल दौर से निकालने के लिए उनके परिवार ने कोई कसर नहीं छोड़ी। पिता नंदी मीणा का नाम रोशन करने की चाह रखने वाले नमन को उनके बड़े भाइयों—लक्की मीणा और सन्नी मीणा ने रिहैब सेंटर भेजा। महीनों की काउंसलिंग और इच्छाशक्ति के बल पर नमन नशे के जाल से बाहर तो निकल आए, लेकिन सोशल मीडिया के डिप्रेशन ने उनका पीछा नहीं छोड़ा।
इसी बीच, बचपन से चल रही सिरदर्द और ब्रेन की समस्या अचानक गंभीर हो गई। 9 सितंबर को तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें पहले इंदौर और फिर देवास के अस्पताल में भर्ती कराया गया। 19 सितंबर को डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बाद भी ब्रेन हेमरेज के कारण उनकी सांसें थम गईं।
अंतिम विदाई में उमड़ा जनसैलाब
शनिवार सुबह जैसे ही नमन के निधन की खबर फैली, पूरे शहर में शोक की लहर दौड़ गई। चार भा�
