नर्मदापुरम में खाकी दागदार: उधार लिए गहने वापस करने के बहाने घर बुलाकर महिला से रेप, आरोपी कांस्टेबल गिरफ्तार और सस्पेंड
नर्मदापुरम (NTV TIME): मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम में पुलिस महकमे को शर्मसार करने वाली एक बड़ी वारदात सामने आई है। यहाँ पुलिस लाइन में पदस्थ कांस्टेबल सोमिल सक्सेना पर एक 37 वर्षीय महिला ने धोखे से घर बुलाकर दुष्कर्म (रेप) करने का गंभीर आरोप लगाया है। महिला की शिकायत पर सिटी कोतवाली पुलिस ने मंगलवार देर रात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर बुधवार को उसे गिरफ्तार कर लिया है, साथ ही विभाग द्वारा उसे सस्पेंड भी कर दिया गया है।
लिफ्ट देने से शुरू हुई थी जान-पहचान
पुलिस जांच और पीड़िता के बयानों के अनुसार, महिला नर्मदापुरम से करीब 15 किलोमीटर दूर एक गांव की रहने वाली है। करीब एक साल पहले कांस्टेबल सोमिल सक्सेना ने महिला को नर्मदा नदी तक अपनी गाड़ी में लिफ्ट दी थी। इसी दौरान दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और मोबाइल नंबरों का आदान-प्रदान हुआ। महिला का आरोप है कि इस जान-पहचान के बाद सोमिल अक्सर उससे फोन पर बात करने लगा और उसने गलत हरकतें शुरू कर दीं।
भाई के इलाज का बहाना बनाकर लिए थे जेवर
पीड़िता ने बताया कि कुछ समय पहले सोमिल ने अपने भाई के इलाज का बहाना बनाकर रुपयों की सख्त जरूरत बताई थी। इस पर महिला ने उसकी मदद करते हुए अपने 10 ग्राम सोने के जेवर उसे उधार दे दिए। इसके बाद जब महिला ने अपने जेवर वापस मांगे, तो आरोपी लगातार टालमटोल करता रहा।
जेवर लौटाने के बहाने बुलाकर किया दुष्कर्म
महिला का आरोप है कि आखिरकार सोमिल ने गहने लौटाने की बात कहकर उसे अपने घर बुलाया। जब महिला वहां पहुंची, तो आरोपी ने उसके साथ जबरदस्ती (दुष्कर्म) की। आरोपी ने उसके साथ दो से तीन बार इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। जब महिला को न तो जेवर मिले और न ही न्याय, तो उसने हिम्मत जुटाकर सिटी कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई।
7 महीने से ड्यूटी से गायब था आरोपी: एसपी
मामले की पुष्टि करते हुए नर्मदापुरम पुलिस के एसपी साईं कृष्णा एस. थोटा ने बताया कि आरोपी सोमिल सक्सेना पुलिस लाइन में पदस्थ है और उसे साल 2022 में अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। वह पिछले करीब 7 महीनों से बिना किसी सूचना के ड्यूटी से अनुपस्थित चल रहा था।
पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के बाद तत्परता दिखाते हुए आरोपी के खिलाफ कानून की संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
