चिराग सोनी
अहमदाबाद की प्रसिद्ध निरमा यूनिवर्सिटी (Nirma University) में एक छात्र द्वारा फिल्म का डायलॉग बोलना भारी पड़ गया। कॉलेज इवेंट के दौरान एक प्रोफेसर ने छात्र को मंच पर बुलाकर न सिर्फ उसका कॉलर पकड़ लिया, बल्कि उसे करियर बर्बाद करने और यूनिवर्सिटी से बाहर निकालने की खुली धमकी दे डाली। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
‘पनवेल वाले डायलॉग’ से भड़के प्रोफेसर
यह पूरी घटना यूनिवर्सिटी के इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंस्ट्रूमेंटेशन (EI) विभाग के सालाना तकनीकी उत्सव ‘टेक्नोफोरा 2026’ के दौरान हुई। इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में मशहूर स्टैंड-अप कॉमेडियन रजत सूद भी शामिल हुए थे।
कार्यक्रम के दौरान जब विभाग के प्रमुख (HOD) प्रोफेसर डॉ. हिमांशु के. पटेल (एचके पटेल) मंच से छात्रों को संबोधित कर रहे थे, तभी ऑडिटोरियम में बैठे एक छात्र ने फिल्म ‘गोलमाल 3’ का मशहूर डायलॉग चिल्ला दिया— “जल्दी बोल, कल सुबह पनवेल निकलना है।” यह सुनते ही प्रोफेसर सरेआम अपना आपा खो बैठे।
स्टेज पर बुलाया, कॉलर पकड़ा और दी धमकी
छात्र की इस टिप्पणी से आक्रोशित होकर प्रोफेसर पटेल ने उसे तुरंत उंगली से इशारा कर मंच पर बुला लिया। करीब 800 छात्रों और स्टाफ की मौजूदगी में जैसे ही छात्र मंच पर पहुंचा, प्रोफेसर ने उसका कॉलर पकड़कर उसे झकझोर दिया।
वायरल वीडियो में प्रोफेसर गुस्से में चिल्लाते हुए छात्र को धमकी दे रहे हैं:
“तुम्हारी दिक्कत क्या है? मैं किसी भी हद तक जा सकता हूं। जिस दिन तुमने निरमा यूनिवर्सिटी कैंपस के किसी भी फैकल्टी का अपमान करने की हिम्मत की, तुम यहाँ से हमेशा के लिए चले जाओगे। मैं तुम्हारा करियर खत्म कर दूंगा।”
छात्र संगठन उबरे विरोध में, यूनिवर्सिटी चुप
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर प्रोफेसर के इस हिंसक व्यवहार की चौतरफा निंदा हो रही है। इस बीच छात्र राजनीति भी गरमा गई है:
- NSUI का अल्टीमेटम: कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI के प्रदेश उपाध्यक्ष वेदांत तोमर ने घटना का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने मांग की है कि प्रोफेसर छात्र से लिखित में माफी मांगें और यूनिवर्सिटी उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करे। मांग पूरी न होने पर कैंपस में बड़े आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
- अधिकारियों की चुप्पी: इस पूरे मामले पर जब आरोपी प्रोफेसर एचके पटेल से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने टिप्पणी करने से साफ इनकार कर दिया। वहीं निरमा यूनिवर्सिटी प्रशासन ने भी अब तक इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान या स्पष्टीकरण जारी नहीं किया है।
