Home हरियाणा पश्चिमी कमान में अंगदान जागरूकता कार्यक्रम — जीवन को आगे बढ़ाने की...

पश्चिमी कमान में अंगदान जागरूकता कार्यक्रम — जीवन को आगे बढ़ाने की पहल

0

पश्चिमी कमान में अंगदान जागरूकता कार्यक्रम — जीवन को आगे बढ़ाने की पहल

मनोज शर्मा,चंडीगढ़ ‌। अंगदान करुणा और निःस्वार्थ भाव की सर्वोच्च भावना को दर्शाता है। किसी व्यक्ति का यह नेक निर्णय दूसरों के लिए नई आशा और जीवन का दूसरा अवसर बन सकता है।
पश्चिमी कमान द्वारा 20 अगस्त 2026 को चंडीमंदिर में अंगदान जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र सिंह, एवीएसएम, एसएम**, जीओसी-इन-सी, पश्चिमी कमान ने की। यह कार्यक्रम 13 अगस्त को मनाए जाने वाले विश्व अंगदान दिवस के अवसर पर पश्चिमी कमान द्वारा आयोजित जागरूकता गतिविधियों की श्रृंखला का हिस्सा था। इसका उद्देश्य अंगदान के प्रति अधिक समझ विकसित करना और लोगों को जागरूक एवं सूचित तरीके से इसमें भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करना था। कमांड अस्पताल, चंडीमंदिर के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में विशेषज्ञ व्याख्यान, प्रेरणादायक वीडियो और सार्थक संवाद शामिल रहे। इस दौरान अंगदान से जुड़ी प्रचलित भ्रांतियों और गलत धारणाओं को दूर करने, अंगदान के जीवनरक्षक महत्व को उजागर करने तथा प्रतिभागियों को अंगदान का संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम का एक भावुक पहलू उन परिवारों का सम्मान था, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोने के गहरे दुख के बीच भी अंगदान के माध्यम से दूसरों को जीवन देने का निर्णय लिया। आर्मी कमांडर ने श्रीमती सुदेशना सिंह, मुख्यालय भर्ती क्षेत्र (पंजाब एवं जम्मू-कश्मीर), श्रीमती बी. अमृता, 15 सीओएसआर, श्रीमती शर्मिला मुखिया, 14 जीटीसी, लेफ्टिनेंट कर्नल हीरा सिंह, मुख्यालय भर्ती क्षेत्र (पंजाब एवं जम्मू-कश्मीर) तथा नायक थोंबरे कैलास, 19 गार्ड्स को उनके साहस, करुणा और जीवन बचाने में दिए गए अनुकरणीय योगदान के लिए सम्मानित किया। अंगदान को बढ़ावा देने में उल्लेखनीय योगदान देने वाले सेवारत कार्मिकों को भी मानवता की सेवा के लिए जीओसी-इन-सी प्रशंसा पत्र प्रदान किया गया।

कार्यक्रम का समापन जागरूकता को सार्थक कदमों में बदलने, सूचित निर्णय लेने, स्वैच्छिक अंगदान का संकल्प लेने और समाज की अधिक भागीदारी का आह्वान करते हुए हुआ। इस पहल ने भारतीय सेना की निःस्वार्थ सेवा की भावना और कर्तव्य से आगे बढ़कर समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः रेखांकित किया। कार्यक्रम ने एक सरल लेकिन प्रभावशाली संदेश दिया—जीवन को आगे बढ़ाने में, एक व्यक्ति की विरासत कई लोगों के जीवन में जीवित रह सकती है।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version