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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने 2029 तक ‘नशामुक्त भारत’ बनाने का संकल्प लिया

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने 2029 तक ‘नशामुक्त भारत’ बनाने का संकल्प लिया

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जून 2026 में नशामुक्त भारत के लिए विजन डॉक्यूमेंट 2026-2029 का किया था शुभारंभ

विजन डॉक्यूमेंट 2026-29 के प्रति जागरूकता के लिए PIB चंडीगढ़ ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के सहयोग से आयोजित किया ‘वार्तालाप’

मनोज शर्मा,चंडीगढ़, 16 सितंबर 2026 । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने वर्ष 2029 तक देश को ‘नशामुक्त भारत’ बनाने का संकल्प लिया है। इस संकल्प को पूरा करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जून 2026 में ‘नशामुक्त भारत’ के लिए विजन डॉक्यूमेंट 2026-2029 का शुभारंभ किया था। इसी क्रम में विजन डॉक्यूमेंट 2026-29 के प्रति जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से पत्र सूचना ब्यूरो (PIB), चंडीगढ़ ने आज चंडीगढ़ में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के सहयोग से ‘वार्तालाप’ का आयोजन किया। ‘वार्तालाप’ के दौरान विजन डॉक्यूमेंट 2026-2029 के विभिन्न पहलुओं और प्रमुख बिंदुओं पर प्रकाश डाला गया तथा ‘नशामुक्त भारत’ के निर्माण के लिए इसके उद्देश्यों और रणनीति पर चर्चा की गई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को पूर्ण रूप से विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प देश के सामने रखा है। विकसित भारत की नींव केवल मजबूत अर्थव्यवस्था, सुरक्षित समाज, आधुनिक तकनीक और सुदृढ़ संस्थानों पर ही नहीं, बल्कि स्वस्थ, अनुशासित, सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ी और नशामुक्त युवा शक्ति पर भी आधारित होगी। भारत विश्व के प्रमुख देशों में सबसे युवा राष्ट्र है और देश की युवा शक्ति उसकी सबसे बड़ी ताकत है। नशीले पदार्थ स्वास्थ्य, परिवार, सामाजिक व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित करते हैं। ऐसे में ‘नशामुक्त भारत 2029’, ‘विकसित भारत 2047’ की दिशा में एक महत्वपूर्ण आधारशिला है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में गृह मंत्रालय (MHA) ने नशीले पदार्थों के सेवन की रोकथाम सहित मादक पदार्थों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की हैं, जिनमें विजन डॉक्यूमेंट का शुभारंभ भी शामिल है।

‘वार्तालाप’ का संचालन NCB चंडीगढ़ के जोनल डायरेक्टर श्री अमनजीत सिंह**, गृह मंत्रालय के *अपर महानिदेशक (मीडिया) श्री राज कुमार* तथा पत्र सूचना कार्यालय चंडीगढ़ की उप निदेशक सुश्री सपना द्वारा किया गया। इस दौरान मीडिया प्रतिनिधियों को ‘नशामुक्त भारत अभियान’ के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रभावी रणनीति से अवगत कराया गया। मीडिया प्रतिनिधियों को देशभर में मादक पदार्थों के विरुद्ध की गई कार्रवाई की प्रमुख उपलब्धियों के बारे में भी जानकारी दी गई, जिसमें मादक पदार्थों की जब्ती, गिरफ्तारियां, गहन जांच तथा जब्त किए गए नशीले पदार्थों को नष्ट करना शामिल है।

जुलाई 2026 से जुलाई 2029 तक की तीन वर्षीय कार्ययोजना का उद्देश्य निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से हासिल करते हुए भारत को ‘नशामुक्त भारत’ बनाना है। यह रोडमैप चार प्रमुख स्तंभों पर आधारित है—खुफिया सूचना एवं अभियान आधारित प्रवर्तन, प्रीकर्सर एवं सिंथेटिक ड्रग्स नियंत्रण, मांग एवं हानि में कमी तथा क्षमता निर्माण एवं समन्वय।

इन चारों स्तंभों के लिए परिचालन मंत्र ‘डिटेक्ट, डिसरप्ट और डिस्ट्रॉय’ (Detect, Disrupt and Destroy) निर्धारित किया गया है।

डिटेक्ट (Detect): मादक पदार्थों के स्रोत, मार्ग, तस्कर, तकनीक, भुगतान माध्यमों और मुख्य संचालकों की पहचान करना।

डिसरप्ट (Disrupt): मादक पदार्थों के परिवहन, लॉजिस्टिक्स, प्रीकर्सर की आपूर्ति, डार्कनेट नेटवर्क, हवाला और मादक पदार्थों से होने वाले वित्तपोषण को लक्षित करना।

डिस्ट्रॉय (Destroy): अवैध ड्रग प्रयोगशालाओं, अवैध खेती, तस्करी से अर्जित संपत्तियों, गिरोहों के नेतृत्व और पूरे वितरण नेटवर्क को समाप्त करना।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने मादक पदार्थों के विरुद्ध लड़ाई को राष्ट्रीय सुरक्षा की प्राथमिकता बनाया है। विजन डॉक्यूमेंट में गुप्त ड्रग प्रयोगशालाओं के विनष्टीकरण, मादक पदार्थों से जुड़े अपराधियों एवं भगोड़ों को वापस लाने, विभिन्न प्रणालियों के एकीकरण तथा मापनीय राष्ट्रीय परिणाम हासिल करने पर विशेष ध्यान दिया गया है।

प्रस्तुति के दौरान नशामुक्त भारत के निर्माण के लिए आपूर्ति में कमी, मांग में कमी और हानि में कमी से संबंधित रोडमैप पर भी प्रकाश डाला गया। मादक पदार्थों के नेटवर्क, वित्तीय संसाधनों और भगोड़ों को लक्षित करने के साथ-साथ इस समस्या से निपटने के लिए संपूर्ण सरकार (Whole-of-Government) दृष्टिकोण पर जोर दिया गया। नीति निर्माण से लेकर अभियोजन तक विभिन्न एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई की क्षमता को मजबूत करने को भी विजन डॉक्यूमेंट में प्राथमिकता दी गई है।

विजन डॉक्यूमेंट को संबंधित केंद्रीय सरकारी मंत्रालयों एवं विभागों, मादक पदार्थ कानून प्रवर्तन एजेंसियों और अन्य हितधारकों के साथ व्यापक विचार-विमर्श के बाद तैयार किया गया है। यह मादक पदार्थों की समस्या के मांग में कमी, आपूर्ति में कमी और हानि में कमी से संबंधित पहलुओं से निपटने के लिए एक साझा रोडमैप प्रदान करता है।

इस रोडमैप में नेटवर्क-केंद्रित प्रवर्तन दृष्टिकोण की परिकल्पना की गई है। इसके तहत सिंथेटिक ड्रग्स और डार्कनेट के माध्यम से होने वाली तस्करी से जुड़ी चुनौतियों से निपटने, युवाओं में नशीले पदार्थों के दुरुपयोग को रोकने, उपचार एवं पुनर्वास केंद्रों तक पहुंच बढ़ाने तथा अगले तीन वर्षों के दौरान विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वित कार्रवाई को मजबूत करने के उपायों को शामिल किया गया है।

शिक्षा मंत्रालय, युवा एवं खेल क्षेत्र से जुड़े हितधारकों तथा शैक्षणिक संस्थानों के साथ मिलकर शैक्षणिक संस्थानों को नशामुक्त बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। NCC, NSS और My Bharat के माध्यम से बड़ी संख्या में ‘नशामुक्त भारत मित्र’ तैयार किए जाएंगे, जो समाज में नशे के विरुद्ध जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

‘वार्तालाप’ के माध्यम से समाज में जागरूकता बढ़ाने और नशामुक्त भारत के निर्माण में जनभागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। इस दौरान मीडिया को समाज तक सही एवं प्रमाणिक जानकारी पहुंचाने तथा नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के बारे में व्यापक जागरूकता पैदा करने के लिए एक प्रभावी माध्यम के रूप में रेखांकित किया गया।

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