UPSC के 100 साल: पीएम मोदी बोले- ‘नागरिक ही हमारे लिए भगवान’, भाषण में किया फ्लाईदुबई के जांबाज भारतीय पायलट का खास जिक्र
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज (1 अक्टूबर 2026) नई दिल्ली के भारत मंडपम में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के 100 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर ‘शताब्दी समारोह’ को संबोधित किया. अपने इस ऐतिहासिक संबोधन में प्रधानमंत्री ने देश के प्रशासनिक ढांचे को सुशासन का मूल मंत्र दिया. इसके साथ ही उन्होंने देश के उस जांबाज बेटे की वीरता को भी सलाम किया, जिसने आसमान में सैकड़ों जिंदगियों को बचाकर भारत का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है.
1. फ्लाईदुबई के कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी को सलाम, बोले- हिंदुस्तानी ने ‘9/11’ होने से बचाया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत एक बेहद महत्वपूर्ण वैश्विक घटना और भारतीय पायलट के पराक्रम का जिक्र करते हुए की. हाल ही में दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में बीच हवा में कॉकपिट के अंदर सह-पायलट द्वारा अचानक हमला कर दिया गया था. गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मुख्य पायलट कैप्टन स्मित मच्छार ने अदम्य साहस और सूझबूझ का परिचय दिया और विमान की सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे पर सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई.
इस पर बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा:
- इजरायली पीएम का हवाला: प्रधानमंत्री ने बताया कि इजरायल के प्रधानमंत्री ने खुद इस जांबाज हिंदुस्तानी की तारीफ करते हुए कहा कि इस पायलट ने एक बड़े हादसे (संभावित 9/11 जैसी त्रासदी) को होने से टाल दिया.
- परिवार से बातचीत: पीएम मोदी ने बताया कि उन्होंने खुद कैप्टन स्मित के पिता भूपेंद्र भाई, माता गीता बहन और पत्नी सोनल से बात की है. पूरा देश इस पराक्रम पर गर्व कर रहा है. पीएम ने पूरे देशवासियों से कैप्टन स्मित के जल्द स्वस्थ होने और दीर्घायु की प्रार्थना करने की अपील की.
2. सुशासन का मूल मंत्र: ‘नागरिक देवो भव’ और दो कसौटियां
देश के भावी और वर्तमान सिविल सर्वेंट्स को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने शासन और गवर्नेंस को लेकर अपनी सरकार की दूरदर्शिता साझा की. उन्होंने अधिकारियों को जनता की सेवा के लिए प्रेरित करते हुए कहा:
- नागरिक ही भगवान है: पीएम ने स्पष्ट रूप से कहा कि हमारी सरकार का एक ही मार्गदर्शक सिद्धांत है— “नागरिक देवो भव”. देश का नागरिक हमारे लिए किसी भगवान (देव) से कम नहीं है और जनता की सेवा ही हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए.
- दो मूल कसौटियां: उन्होंने सभी लोक सेवकों को हर फैसला लेते समय दो मंत्रों को हमेशा याद रखने की हिदायत दी— पहला ‘नेशन फर्स्ट’ (Nation First – देश पहले) और दूसरा ‘सिटीजन फर्स्ट’ (Citizen First – नागरिक पहले). जब अधिकारी इन कसौटियों पर काम करेंगे, तो देश के विकास की गति दोगुनी हो जाएगी.
3. 100 साल में पीढ़ियां और सरकारें बदलीं, पर UPSC पर भरोसा अडिग
संघ लोक सेवा आयोग की गौरवशाली यात्रा की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने इस संस्था की सबसे बड़ी ताकत इसकी विश्वसनीयता को बताया. पीएम मोदी ने कहा:
- अटूट विश्वास सबसे बड़ी पूंजी: इन 100 वर्षों के लंबे सफर के दौरान देश में कई पीढ़ियां आईं और गईं. देश का राजनीतिक परिदृश्य बदला, कई सरकारें बदलीं, समय के साथ तकनीक बदली और परीक्षाओं का सिलेबस भी बदला. लेकिन, इन सब बदलावों के बीच UPSC पर देश की जनता का भरोसा आज भी उतना ही अटूट और अडिग है.
- विकसित भारत में भूमिका: उन्होंने कहा कि देश के नागरिकों का यह अटूट विश्वास ही इस संस्था की सबसे बड़ी पूंजी है और आने वाले ‘विकसित भारत @ 2047’ के संकल्प को पूरा करने में इस भरोसे की नींव सबसे महत्वपूर्ण होगी.
इस समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक विशेष शताब्दी स्मारक सिक्का, डाक टिकट और महत्वपूर्ण न्यायिक फैसलों पर आधारित पुस्तक ‘100 लैंडमार्क जजमेंट्स’ का भी विमोचन किया.
