रायसेन (मध्य प्रदेश) सुनील बैरागी
रायसेन जिले के एक सरकारी स्कूल से शिक्षा के मंदिर को कटघरे में खड़ा करने वाला मामला सामने आया है। परीक्षा फॉर्म और रोल नंबर जारी करने के एवज में एक शिक्षक पर अवैध वसूली का संगीन आरोप लगा है। शिक्षक की इस हठधर्मिता से तंग आकर आक्रोशित विद्यार्थियों और परिजनों ने देर रात ही स्कूल के बाहर डेरा डाल दिया और जमकर नारेबाजी की।
अवैध वसूली और रसीद न देने पर भड़का गुस्सा
पीड़ित छात्रों का कहना है कि आगामी परीक्षाओं में शामिल कराने के नाम पर उनसे 3-3 हजार रुपये वसूले गए। जब परिजनों ने इस बात का विरोध किया और दी गई रकम की पक्की रसीद मांगी, तो मामला बिगड़ गया।
धमकी देने का आरोप: परिजनों के अनुसार, रसीद मांगने पर शिक्षक ने छात्रों का भविष्य बर्बाद करने की धमकी दी। उन्होंने कहा कि बात न मानने पर प्रैक्टिकल में शून्य अंक दे दिए जाएंगे और परीक्षा में फेल कर दिया जाएगा।
अचानक खुला मोर्चा: शिक्षक के इस रवैये से तंग आकर छात्रों ने अपने परिजनों को पूरी आपबीती बताई, जिसके बाद दर्जनों लोग एकजुट होकर देर रात स्कूल परिसर के बाहर धरने पर बैठ गए।
अधिकारियों के आश्वासन के बाद शांत हुआ मामला
देर रात तक चले इस गतिरोध और हंगामे की खबर मिलते ही स्थानीय प्रशासन और शिक्षा विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों और अभिभावकों की बात सुनी और उन्हें समझाया।
कड़ी कार्रवाई की मांग: अभिभावकों ने स्पष्ट कहा कि बच्चों से ली गई अनधिकृत राशि तुरंत वापस कराई जाए और ऐसे शिक्षक को तुरंत निलंबित किया जाए।
जांच का मिला आश्वासन: शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भरोसा दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। यदि शिक्षक पर लगे वसूली और प्रताड़ना के आरोप साबित होते हैं, तो उन पर सख्त से सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
