सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा और शाहगढ़ क्षेत्रों में जहरीली शराब से मचे कोहराम ने पूरे प्रदेश को हिलाकर रख दिया है। स्थानीय सूत्रों और जमीन से आ रही खबरों के मुताबिक, इस भीषण हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 28 तक पहुंच गई है। हालांकि, जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने अभी तक आधिकारिक तौर पर 15 मौतों की ही पुष्टि की है। प्रशासन का कहना है कि बाकी मौतों के विसरा रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।
46 मरीज अस्पतालों में भर्ती, 5 की हालत अत्यंत नाजुक
शराब कांड का शिकार हुए 46 मरीजों का इलाज फिलहाल बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) और जिला अस्पताल में चल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक, इनमें से 5 मरीजों की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है, जिन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। मेडिकल कॉलेज की एक विशेष टीम चौबीसों घंटे इन मरीजों की निगरानी कर रही है। इससे पहले एक मरीज की नाजुक स्थिति को देखते हुए उसे एयरलिफ्ट कर एम्स (AIIMS) भोपाल भी रेफर किया जा चुका है।
मक्के के खेत में बनती थी मौत, सरकारी दुकानों से होती थी सप्लाई
पुलिस की शुरुआती जांच में बेहद चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। आरोपी किसी सुनसान फैक्ट्री में नहीं, बल्कि घने मक्के के खेतों के बीच स्पिरिट मिलाकर यह जानलेवा नकली शराब तैयार कर रहे थे। सबसे गंभीर बात यह सामने आई है कि इस अवैध शराब को मुख्य सरगनाओं द्वारा क्षेत्र की सरकारी लाइसेंसी शराब दुकानों के माध्यम से आम जनता तक खपाया जा रहा था।
पुलिस एक्शन: 16 दबोचे गए, यूपी के ललितपुर तक छापेमारी
इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक 16 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस पूरे नेक्सस के तार उत्तर प्रदेश से जुड़े होने के पुख्ता सबूत मिले हैं, जिसके बाद मध्य प्रदेश पुलिस की विशेष टीमें यूपी (विशेषकर ललितपुर और झांसी क्षेत्र) में लगातार दबिश दे रही हैं। मामले के एक मुख्य आरोपी राम सिंह लोधी की भी इसी जहरीली शराब को पीने से इलाज के दौरान मौत हो चुकी है।
17 फरार आरोपियों पर इनाम घोषित, कुर्की की तैयारी
एफआईआर (FIR) में नामजद 17 अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं। पुलिस महानिरीक्षक (IG) और सागर एसपी के निर्देश पर इन सभी फरार बदमाशों की गिरफ्तारी पर नकद इनाम की घोषणा कर दी गई है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि यदि आरोपियों ने जल्द आत्मसमर्पण नहीं किया, तो उनके घरों पर बुलडोजर चलाने और संपत्ति कुर्क करने की वैधानिक कार्रवाई शुरू की जाएगी।
सरकार का बड़ा एक्शन: IG, आबकारी कमिश्नर और SDM हटाए गए
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने न्यायिक जांच (Judicial Inquiry) के आदेश दे दिए हैं। लापरवाही बरतने के आरोप में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए:
- सागर की सहायक आबकारी आयुक्त कीर्ति दुबे सहित 3 आबकारी अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है।
- बंडा की एसडीएम (SDM) आरती यादव को हटाकर उनकी जगह संजय कुमार जैन को तैनात किया गया है।
- जिले की कानून व्यवस्था को री-सेट करने के लिए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी इरशाद वली को सागर का नया आईजी (IG) नियुक्त किया गया है।
मुख्यमंत्रियों ने साफ किया है कि अवैध शराब के कारोबार में लिप्त दोषियों के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं और सख्त से सख्त कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
