सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश: बकाया चालान न भरने पर जब्त होंगी गाड़ियाँ, ऑनलाइन सेवाएँ भी होंगी ब्लॉक
नई दिल्ली: देश भर में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों और महीनों तक ई-चालान (e-Challan) का जुर्माना न चुकाने वालों पर अब सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कड़े निर्देश जारी किए हैं कि जिन वाहन मालिकों के चालान लंबे समय से लंबित (Pending) हैं, उनके खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाए।
अदालत ने साफ किया है कि जब तक बकाया जुर्माना जमा नहीं किया जाता, तब तक वाहन मालिकों को किसी भी प्रकार की राहत नहीं दी जाएगी।
नियम तोड़ा तो सीधे भुगतने होंगे ये परिणाम:
- सड़क पर ही जब्त हो जाएगी गाड़ी: पुलिस और परिवहन विभाग की टीमें सड़कों पर औचक जांच (Random Checking) करेंगी। यदि आपकी गाड़ी का कोई भी पुराना चालान सिस्टम में पेंडिंग पाया गया, तो गाड़ी को मौके पर ही जब्त (Seize) कर लिया जाएगा।
- परिवहन सेवाएँ होंगी फ्रीज: बकाया राशि जमा न होने तक ‘वाहन पोर्टल’ पर आपकी गाड़ी को ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा।
- इन जरूरी सरकारी कामों पर लगेगी रोक:
- गाड़ी की आरसी (RC) ट्रांसफर करना या रिन्यू कराना।
- वाहन का फिटनेस सर्टिफिकेट (Fitness Certificate) प्राप्त करना।
- गाड़ी का नया इंश्योरेंस या पॉल्यूशन सर्टिफिकेट (PUC) अपडेट कराना।
- बार-बार नियम तोड़ने वालों का ड्राइविंग लाइसेंस (DL) ब्लॉक या सस्पेंड करना।
बिजली बिल से जोड़ने का भी सुझाव
देश भर में हजारों करोड़ रुपये के चालान पेंडिंग होने पर चिंता जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एक अनोखा सुझाव भी दिया है। कोर्ट ने कहा कि राज्यों को चालान की वसूली सुनिश्चित करने के लिए इसे बिजली के बिल से जोड़ने पर विचार करना चाहिए, ताकि लोग डर और दबाव में समय पर जुर्माना भरें।
आम जनता के लिए सलाह: अगर आपकी गाड़ी का भी कोई पुराना चालान कटा हुआ है, तो किसी भी असुविधा या गाड़ी जब्त होने की कार्रवाई से बचने के लिए तुरंत परिवहन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट (Parivahan Portal) पर जाकर अपना जुर्माना ऑनलाइन चुका दें।
