महबूबनगर के भूतपुर में शादी समारोह से लौट रहे बाइक सवार परिवार को रईसजादों की तेज रफ्तार थार ने मारी टक्कर; गुस्साए स्थानीय लोगों ने एक आरोपी गाड़ी को दौड़ाकर पकड़ा।
महबूबनगर (तेलंगाना):
सड़कों पर रईसजादों की खतरनाक स्टंटबाजी और रफ्तार का शौक एक बार फिर एक बेकसूर परिवार के लिए काल बन गया। तेलंगाना के महबूबनगर जिले से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है, जहां शनिवार सुबह दो महिंद्रा थार (Mahindra Thar) एसयूवी गाड़ियों की आपस में रेसिंग के चक्कर में एक महिला की जान चली गई, जबकि उसका पति जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है।
यह पूरी घटना भूतपुर नगर पालिका सीमा के अंतर्गत आने वाले अमिस्तापुर गांव की है। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, पीड़ित परिवार एक रिश्तेदार की शादी में शामिल होने के बाद अपने घर लौट रहा था। बाइक पर शाकिर (पति), उनकी 40 वर्षीय पत्नी शाहाना बेगम और उनकी मासूम बेटी आयारा सवार थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अमिस्तापुर के यूपीएस स्कूल के पास दो तेज रफ्तार थार गाड़ियां, जिन्हें कुछ युवक चला रहे थे, सड़क पर लापरवाही से एक-दूसरे से रेस लगा रही थीं। इसी दौरान नियंत्रण खोने की वजह से थार ने शाकिर की मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी।
मौके पर ही तोड़ा दम, मां की गोद में होने से बची मासूम की जान
टक्कर इतनी भयानक थी कि शाहाना बेगम की मौके पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई। वहीं उनके पति शाकिर के हाथ और पैर में कई जगह गंभीर फ्रैक्चर आए हैं। उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया है, जहां उनकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। इस पूरे हादसे में सबसे चमत्कारिक बात यह रही कि शाकिर की छोटी बेटी आयारा, जो दुर्घटना के वक्त अपनी मां की गोद में थी, उसे बेहद मामूली चोटें आई हैं और वह पूरी तरह सुरक्षित है।
हादसे के बाद एक थार फरार, दूसरी को लोगों ने दबोचा
दिल दहला देने वाले इस हादसे के तुरंत बाद रेस लगा रही गाड़ियों में से एक थार का ड्राइवर मौके से गाड़ी लेकर फरार हो गया। हालांकि, हादसे को देखकर गुस्साए स्थानीय निवासियों ने भाग रही दूसरी थार गाड़ी का पीछा किया और उसे घेरकर पकड़ लिया।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है और फरार थार चालक व अन्य आरोपियों की तलाश के लिए जांच शुरू कर दी है।
जनता में भारी आक्रोश
इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों में जिला प्रशासन और यातायात पुलिस के खिलाफ भारी गुस्सा है। निवासियों का कहना है कि सार्वजनिक सड़कों पर युवाओं द्वारा की जाने वाली इस तरह की लापरवाही और खतरनाक ड्राइविंग पर सख्त लगाम न होने की वजह से आज एक और मासूम परिवार पूरी तरह तबाह हो गया। सोशल मीडिया पर भी लोग आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई और गाड़ी मालिकों पर कड़ी सजा की मांग कर रहे हैं।
