Monday, August 24, 2026

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कुवैत एयरपोर्ट पर ईरान का मिसाइल हमला: उज्जैन के मंजूर अहमद की मौत, भांजी की शादी की खुशियां मातम में बदलीं

  • घटना स्थल: कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट (टर्मिनल-1)
  • मृतक का नाम: मंजूर अहमद (उम्र 50-55 वर्ष), निवासी: राज रॉयल कॉलोनी, उज्जैन (मध्य प्रदेश)
  • वजह: ईरान-अमेरिका संघर्ष के बीच कुवैत हवाई अड्डे पर हुआ ड्रोन व मिसाइल हमला

उज्जैन/नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में गहराते युद्ध और ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव की कीमत एक बार फिर एक मासूम भारतीय नागरिक को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी है। मध्य प्रदेश के उज्जैन निवासी मंजूर अहमद (जिन्हें प्यार से ‘शेरू भाई’ भी कहा जाता था) की कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए ईरान के भीषण ड्रोन और मिसाइल हमले में दर्दनाक मौत हो गई। वह अपनी भांजी की शादी में शामिल होने के लिए भारत लौटने की खातिर फ्लाइट का इंतजार कर रहे थे। इस दुखद घटना के बाद उनके पूरे परिवार और उज्जैन की राज रॉयल कॉलोनी में मातम पसरा हुआ है।

आखिरी फोन कॉल: “नागदा वाली ट्रेन से आऊंगा, लेने आ जाना…”

मंजूर अहमद पिछले करीब 30 वर्षों से कुवैत में दर्जी (tailor) का काम करके अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। वह पूरे परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य थे। आगामी 8 जून को पड़ोसी जिले रतलाम में उनकी भांजी की शादी होने वाली थी, जिसमें शामिल होने के लिए उन्होंने महीनों पहले से तैयारी कर रखी थी।

उनके 18 वर्षीय बेटे मोहम्मद अनस ने रुंधे गले से बताया:

“मंगलवार शाम को ही पापा से मेरी आखिरी बात हुई थी। वे बहुत खुश थे। उन्होंने मुझसे कहा था कि बुधवार सुबह 7:30 बजे की फ्लाइट से मुंबई के लिए निकलेंगे। वहां से ट्रेन पकड़कर नागदा पहुंचेंगे। पापा ने कहा था— ‘नागदा वाली ट्रेन से आऊंगा, स्टेशन पर मुझे लेने आ जाना।’ हम सब उनके स्वागत के लिए फूलों की मालाएं तैयार कर रहे थे, लेकिन बुधवार दोपहर ढाई बजे भारतीय दूतावास से फोन आया जिसने हमारी दुनिया ही उजाड़ दी।”

कैसे हुआ हादसा?

बुधवार सुबह (3 जून 2026), जब मंजूर अहमद कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 पर अपनी फ्लाइट का इंतजार कर रहे थे, तभी ईरान की ओर से दागे गए कई ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों ने कुवैत के नागरिक और राजनयिक ठिकानों को निशाना बनाया।

कुवैती रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल सऊद अब्दुलअजीज अल-ओतैबी के अनुसार, हवाई रक्षा प्रणालियों ने कई मिसाइलों को नष्ट किया, लेकिन एक त्रिकोणीय विंग वाला ‘शाहेद’ ड्रोन सीधे टर्मिनल-1 की पैसेंजर बिल्डिंग से जा टकराया। इस भीषण धमाके की चपेट में आने से मंजूर अहमद की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि हवाई अड्डे पर मौजूद कर्मचारियों और यात्रियों सहित कम से कम 63 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट

मंजूर अहमद अपने पीछे अपनी बुजुर्ग मां, पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा छोड़ गए हैं। वे परिवार के एकमात्र कमाने वाले व्यक्ति थे। उनके साले मोहम्मद इस्माइल ने बताया कि घर में जहां शादी की शहनाइयां बजने वाली थीं और रिश्तेदारों का आना शुरू हो गया था, वहां अब केवल चीख-पुकार मची है। परिवार अब आर्थिक रूप से भी पूरी तरह टूट चुका है और उन्होंने सरकार से मदद की गुहार लगाई है।

पार्थिव शरीर को भारत लाने के प्रयास तेज

उज्जैन के कलेक्टर रोशन सिंह ने बताया कि प्रशासन मृतक के परिजनों के संपर्क में है। कूटनीतिक सूत्रों के अनुसार, मंजूर अहमद का पार्थिव शरीर शुक्रवार (5 जून 2026) तड़के करीब 2:00 बजे गुजरात के अहमदाबाद हवाई अड्डे पर पहुंचेगा। वहां से सड़क मार्ग के जरिए शव को उनके पैतृक निवास उज्जैन लाया जाएगा, जहां उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

कुवैत में भारत की राजदूत पारमिता त्रिपाठी ने कुवैत के सेंट्रल मॉर्च्युरी (शवगृह) का दौरा किया और मृत भारतीय नागरिक के शव को जल्द से जल्द भारत भेजने के लिए कुवैती अधिकारियों के साथ कूटनीतिक समन्वय स्थापित किया। इसके साथ ही उन्होंने अस्पतालों में भर्ती घायल भारतीयों से भी मुलाकात कर उन्हें हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।

भारत सरकार का कड़ा रुख

भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने कुवैत हवाई अड्डे जैसी नागरिक अवसंरचना पर हुए इस हमले की तीखी निंदा की है। भारत ने संघर्ष में शामिल सभी पक्षों से रिहायशी इलाकों और नागरिक हवाई अड्डों को निशाना न बनाने की सख्त अपील की है। पश्चिम एशिया में फरवरी 2026 से जारी इस संघर्ष में अब तक कम से कम 10 भारतीय नागरिक अपनी जान गंवा चुके हैं।

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