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कोरबा जिले में पोषण माह 2025 का हुआ शुभारंभ

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//समाचार//
कोरबा जिले में पोषण माह 2025 का हुआ शुभारंभ
कोरबा, 18 सितंबर //समाचार//
कोरबा जिले में पोषण माह 2025 का हुआ शुभारंभ

कोरबा से जिला ब्यूरो चीफ महेन्द्र सोनवानी की खास रिपोर्ट
NTV TIME छत्तीसगढ़

कोरबा, 18 सितंबर 2025/
कोरबा जिले में 17 सितंबर को “राष्ट्रीय पोषण माह 2025“ का शुभारंभ बड़े ही उत्साह और सहभागिता के साथ किया गया। जिला कार्यक्रम अधिकारी के मार्गदर्शन में जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में विविध गतिविधियों का आयोजन किया गया।
इस वर्ष राष्ट्रीय पोषण माह 2025 हेतु भारत सरकार द्वारा छह प्रमुख थीम निर्धारित की गई हैं मोटापे का समाधान : चीनी और तेल की खपत कम करना, स्थानीयता को बढ़ावा देना, ईसीसीई-पोषण भी, पढ़ाई भी,समेकित कार्यवाही एवं डिजिटलीकरण, शिशु एवं छोटे बच्चों के आहार की प्रथाएं और मुख्यधारा में लाना। पोषण माह 2025 के अंतर्गत 17 सितंबर से 16 अक्टूबर 2025 तक प्रतिदिन गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी।
राष्ट्रीय पोषण माह का उद्देश्य केवल कुपोषण को समाप्त करना ही नहीं है, बल्कि संतुलित आहार, स्वस्थ जीवनशैली एवं सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से प्रत्येक परिवार को पोषण-सम्पन्न बनाना है। इस दौरान आयोजित कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधि, पंचायतीराज संस्थाओं के सदस्य, नगरीय निकायों के प्रतिनिधि, सहयोगी विभाग, स्वयंसेवी संस्थाएँ, महिला स्व-सहायता समूह एवं महिला मंडलियों की सक्रिय भागीदारी रही।
क्रमांक 680/आशुतोष/
कोरबा जिले में 17 सितंबर को “राष्ट्रीय पोषण माह 2025“ का शुभारंभ बड़े ही उत्साह और सहभागिता के साथ किया गया। जिला कार्यक्रम अधिकारी के मार्गदर्शन में जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में विविध गतिविधियों का आयोजन किया गया।
इस वर्ष राष्ट्रीय पोषण माह 2025 हेतु भारत सरकार द्वारा छह प्रमुख थीम निर्धारित की गई हैं मोटापे का समाधान : चीनी और तेल की खपत कम करना, स्थानीयता को बढ़ावा देना, ईसीसीई-पोषण भी, पढ़ाई भी,समेकित कार्यवाही एवं डिजिटलीकरण, शिशु एवं छोटे बच्चों के आहार की प्रथाएं और मुख्यधारा में लाना। पोषण माह 2025 के अंतर्गत 17 सितंबर से 16 अक्टूबर 2025 तक प्रतिदिन गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी।
राष्ट्रीय पोषण माह का उद्देश्य केवल कुपोषण को समाप्त करना ही नहीं है, बल्कि संतुलित आहार, स्वस्थ जीवनशैली एवं सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से प्रत्येक परिवार को पोषण-सम्पन्न बनाना है। इस दौरान आयोजित कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधि, पंचायतीराज संस्थाओं के सदस्य, नगरीय निकायों के प्रतिनिधि, सहयोगी विभाग, स्वयंसेवी संस्थाएँ, महिला स्व-सहायता समूह एवं महिला मंडलियों की सक्रिय भागीदारी रही।

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