नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल/साइबर क्राइम टीम ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर धोखाधड़ी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस नेटवर्क के जरिए ठगों ने आम लोगों से लगभग 16 करोड़ रुपये से अधिक की चपत लगाई है। इस गिरोह का जाल भारत से लेकर कतर और दुबई तक फैला हुआ था।
जांच में सामने आए मुख्य बिंदु:
अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन: आरोपियों के विदेशी लिंक मिले हैं। गिरोह के मुख्य सरगना दुबई और कतर में बैठकर पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहे थे और पैसों का लेनदेन हवाला व क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से किया जा रहा था।
ठगी का तरीका (Modus Operandi): यह गिरोह लोगों को वर्क-फ्रॉम-होम, पार्ट-टाइम जॉब, डिजिटल अरेस्ट और शेयर मार्केट में भारी मुनाफे का लालच देकर अपना शिकार बनाता था। फर्जी वेबसाइट्स और टेलीग्राम चैनलों के जरिए फर्जी इनवेस्टमेंट स्कीम चलाई जा रही थीं।
फर्जी बैंक खाते (Mule Accounts): आरोपियों ने ठगी की रकम को खपाने के लिए देशभर में दर्जनों फर्जी (म्यूल) बैंक खातों का इस्तेमाल किया था। पुलिस ने इन खातों को फ्रीज करवा दिया है।
बरामदगी: पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कई मोबाइल फोन, सिम कार्ड, लैपटॉप, एटीएम कार्ड और करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेनदेन से जुड़े डिजिटल दस्तावेज बरामद किए हैं।
आगे की कार्रवाई
पुलिस की ओर से गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया गया है। जांच एजेंसियां अब इस बात की पड़ताल में जुटी हैं कि गिरोह के तार और कितने देशों से जुड़े हैं तथा अब तक कितने पीड़ितों को इसका शिकार बनाया गया है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, मैसेज या ऑनलाइन कमाई के संदिग्ध ऑफर पर भरोसा न करें और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर तुरंत सूचना दें।
