( संवाददाता प्रफुल्ल तंवर )
फिर क्रिकेट स्टेडियम पहुंचा था कोबरा, भाग खड़े हुए खिलाड़ी, स्नेक कैचर ने पकड़ा 6 फीट लंबा कोबरा.
एनटीवी टाइम न्यूज सागर/शहर के मकरोनिया क्षेत्र में कई दिनों से आतंक मचा रहे एक 6 फीट के खतरनाक कोबरा सांप को पकड़ गया है. कोबरा ने एक हफ्ते से इस क्षेत्र में दहशत फैलाई हुई थी. कोबरा कभी शराब दुकान में, कभी रेस्टोरेंट तो कभी खेल क्रिकेट स्टेडियम में पहुंच जाता था. कोबरा के आतंक से हाल ही में प्लेयर्स क्रिकेट स्टेडियम छोड़कर भागे थे. कई बार इसे पकड़ने के लिए स्नेक कैचर भी बुलवाए गए लेकिन यह चकमा देकर गायब हो जाता था. आखिरकार रविवार को कोबरा पकड़े जाने से क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली.

एक सप्ताह से लोग थे दहशत में
जानकारी के अनुसार मकरोनिया बटालियन मैदान वाले इलाके में यह कोबरा एक हफ्ते से घूम रहा था. यहां डर के मारे प्लेयर्स ने क्रिकेट खेलना तक छोड़ दिया था, इसके पहले चार बार यह कोबरा शराब दुकान में निकला, जिससे दुकान कर्मचारियों में हड़कप मच गया. शराब दुकान के कर्मचारियों ने तत्काल स्नेक कैचर को बुलाया लेकिन कोई सफलता नहीं मिली. इसके बाद करीब पांच बार सांप को और देखा गया और हर बार स्नेक कैचर को बुलाया जाता था, लेकिन हर बार निराशा ही हाथ लगती थी.

खेल मैदान से रेस्टोरेंट में पहुंचा सांप
इस बार लोगों ने एक बार फिर सांप को खेल मैदान में देखा और वह स्टेडियम से लगे रेस्टोरेंट में जाकर छिप गया. सांप की वजह से लोगों में हड़कप मच गया. आसपास के लोगों ने इसकी सूचना स्नेक कैचर को दी. सूचना मिलने के बाद मौके पर स्नेक कैचर असद खान मौके पर पहुंचे.

स्नेक कैचर ने सांप को पकड़ने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. स्नेक कैचर ने जैसे ही सांप को पकड़ा तो वह गुस्से में फन फुलाकर फुफकारने लगा. स्नेक कैचर ने बड़ी सूझबूझ से सांप को अपने वश में कर लिया.
कोबरा प्रजाति का बेहद जहरीला है सांप
स्नेक कैचर असद खान ने बताया, ” रेस्क्यू के दौरान जो सांप पकड़ा गया है वह कोबरा प्रजाति का है और करीब 6 फीट लंबा है. कोबरा काफी जहरीला होता है. जिस किसी व्यक्ति को डसता है तो उसकी आधे से एक घंटे में मौत हो जाती है. इस समय उमस और बारिश का दौर चल रहा है. ऐसे में जंगली जीव जंतु जमीन से बाहर निकलते हैं और वह बस्तियों के आसपास आ जाते हैं.

यदि किसी भी व्यक्ति को सांप डसता है तो वह झाड़ फूंक के चक्कर में ना पड़े, तत्काल नजदीकी सरकारी अस्पताल पहुंचे और अपना इलाज कराएं. जल्दी इलाज मिलने से व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है.”