नई दिल्ली / वाराणसी: देश भर में कुदरत का आक्रामक रूप देखने को मिल रहा है। कहीं नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, तो कहीं पहाड़ों के दरकने से सड़कें बंद हो गई हैं। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी (काशी) में गंगा नदी के रौद्र रूप ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। उधर, उत्तराखंड में भारी लैंडस्लाइड (भूस्खलन) के चलते जनजीवन ठहर सा गया है।
इस बीच मौसम विभाग (IMD) ने देश के 15 से अधिक राज्यों में अगले 4 दिनों तक मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी कर तबाही की आशंका जताई है।
1. काशी में हाहाकार: डूबे पौराणिक घाट, छतों पर अंतिम संस्कार
वाराणसी में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से स्थिति बेकाबू होती जा रही है:
शवदाह के लिए लंबी कतारें: विश्व प्रसिद्ध मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट पूरी तरह पानी में डूब चुके हैं। हालत यह है कि अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को 4 से 5 घंटे इंतजार करना पड़ रहा है और अब घाटों की छतों या सीढ़ियों के ऊपरी हिस्सों पर अंतिम संस्कार किया जा रहा है।
आरती का बदला रूप: गंगा आरती का स्थान पीछे खिसका दिया गया है।
नौका संचालन ठप: सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने गंगा में नावों के संचालन पर रोक लगा दी है।
2. उत्तराखंड में कुदरत का गदर: देहरादून और टिहरी में रास्ते बंद
पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में आसमान से आफत बरस रही है:
सड़कों पर आया मलबे का पहाड़: देहरादून और टिहरी गढ़वाल में कई स्थानों पर लैंडस्लाइड होने से मुख्य राजमार्ग और लिंक रोड पूरी तरह बंद हो गए हैं।
हजारों यात्री फंसे: मलबे के कारण लंबी-लंबी गाड़ियों की कतारें लग गई हैं। राहत और बचाव कार्य के लिए जेसीबी मशीनों को तैनात किया गया है।
चारधाम यात्रा प्रभावित: प्रशासन ने तीर्थयात्रियों से अपील की है कि वे मौसम सामान्य होने तक सुरक्षित स्थानों पर ही ठहरें।
3. मौसम विभाग की बड़ी चेतावनी: अगले 96 घंटे 15 राज्यों पर भारी!
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, मानसूनी ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण अगले 4 दिनों तक देश के बड़े हिस्से में मूसलाधार बारिश होगी।
ये राज्य रहेंगे सबसे ज्यादा प्रभावित:
उत्तर भारत: उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और पूर्वी राजस्थान।
मध्य व पूर्वोत्तर भारत: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, असम और मेघालय।
तटीय इलाके: महाराष्ट्र (मुंबई व कोकण), गोवा और पश्चिम बंगाल।
प्रशासन की अपील: निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जलभराव और भूस्खलन वाले क्षेत्रों से दूर रहने की हिदायत दी गई है। किसी भी आपात स्थिति के लिए एनडीआरएफ (NDRF) की टीमों को अलर्ट पर रखा गया है।
पाठकों के लिए जरूरी सूचना:
यदि आप भी अगले कुछ दिनों में किसी पहाड़ी या नदी-नाले वाले इलाके की यात्रा करने की सोच रहे हैं, तो फिलहाल अपनी योजना टाल दें और स्थानीय मौसम बुलेटिन पर नजर बनाए रखें।
