Saturday, February 14, 2026

TOP NEWS

मेहंदवानी में ‘संपूर्णता अभियान...

कलेक्टर, जिला डिंडोरी के निर्देशानुसार मेहंदवानी (आकांक्षी विकासखंड) में ‘संपूर्णता अभियान 2.0’ के...

कटनी में मंगेतर पर...

( कटनी सवाददाता मोहम्मद एज़ाज़ ) युवती ने पुलिस को बताया कि उसने युवक...

रतलाम में ग्रामीण और...

रतलाम के लुनेरा स्थित प्राचीन पंचमुखी हनुमान मंदिर की पहाड़ी पर खनन का...

महाराष्ट्र में डिप्टी सीएम...

एनटीवी टाइम न्यूज/ महाराष्ट्र के बारामती में आज एक विमान दुर्घटना हुई, जिसमें...
Homeमध्य प्रदेशखंडवा : 22 मकानों पर निगम की बड़ी कार्रवाई दूधतालाई में अवैध...

खंडवा : 22 मकानों पर निगम की बड़ी कार्रवाई दूधतालाई में अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर

खंडवा/मध्य प्रदेश के खंडवा शहर के दूधतालाई क्षेत्र में अवैध रूप से बनाए गए मकानों पर शनिवार सुबह नगर निगम और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की। सुबह 8 बजे शुरू हुई इस डिमोलिशन ड्राइव में कुल 22 अवैध मकानों पर बुलडोजर चलाया। इस दौरान नगर निगम का अतिक्रमण विरोधी दस्ता मौके पर भारी पुलिस बल के साथ मौजूद रहा। इस कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल रहा, कई स्थानीय निवासियों ने विरोध भी जताया, लेकिन प्रशासन की सख्ती के चलते कार्यवाही बेरोकटोक जारी रही। उपायुक्त एसएआर शिटोले ने बताया दूधतालाई क्षेत्र में पिछले कई वर्षों से हो रहे स्थायी अतिक्रमण को जिला प्रशासन एवं नगर निगम की संयुक्त कार्यवाही के तहत हटाया गया। इस कार्यवाही में 22 मकानों को तीन जेसीबी मशीनों की मदद से तोड़ा गया।

दरअसल, अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत दूधतालाई जलाशय का पुनर्जीवन कार्य प्रस्तावित है। इस परियोजना की कुल लागत लगभग 60 लाख रुपये है, जिसमें बाउंड्री वॉल निर्माण, स्टोन पिचिंग, 1.5 मीटर चौड़ा पाथवे एवं पौधारोपण का कार्य शामिल है। जिस पर लंबे समय से लोगों ने दूधतालाई जलाशय के कैचमेंट एरिया में अवैध रूप से कब्जा कर रखा था। 10-15 साल पहले कुछ लोगों को एसडीएम कार्यालय से अस्थायी पट्टे जारी किए गए थे, जिनकी वैधता मात्र 1 वर्ष थी। वैधता समाप्त होने के बावजूद लोग यहां स्थायी मकान बनाकर रहने लगे थे। वहीं, कुछ लोग बिना किसी वैध पट्टे के भी यहां रह रहे थे।

प्रशासन द्वारा पूर्व में भी कई बार अतिक्रमण हटाने के निर्देश एवं सूचनाएं दी गई थीं। पिछले तीन माह से लगातार नोटिस जारी किए जा रहे थे, लेकिन अतिक्रमण नहीं हटाया गया, जिससे शासन की महत्त्वाकांक्षी योजना अमृत 2.0 के कार्य में बाधा उत्पन्न हो रही थी। एसडीएम बजरंग बहादुर ने गुरुवार क्षेत्र का निरीक्षण कर वस्तुस्थिति का जायजा लिया और शनिवार सुबह अतिक्रमण हटाने का निर्णय लिया गया। आज नगर निगम का अमला, पुलिस बल, अग्निशमन टीम एवं चिकित्सा टीम की उपस्थिति में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सम्पन्न की गई।

अतिक्रमण प्रभावितों के लिए वैकल्पिक आवास

जिन लोगों के मकान इस कार्रवाई में तोड़े गए हैं, उन्हें IHSDP योजना के अंतर्गत बहुत ही कम कीमतों पर वैकल्पिक मकान आवंटित करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। इसमें लोगों को 25,000 रुपये की जमा राशि एवं प्रति माह 1500 रुपये की किश्त जमा करनी होगी। कुल 1,75,000 रुपये में उन्हें वैध आवास उपलब्ध कराया जाएगा।

नारायण शर्मा
नारायण शर्मा
एन टी वी टाइम न्यूज में मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ के लिए काम करता हूं।
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments