नई दिल्ली: दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) कैंपस में बीती रात उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक गर्ल्स हॉस्टल की छात्राओं ने आधी रात को जमकर प्रदर्शन किया। छात्राओं ने हॉस्टल मैनेजमेंट पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। उनका कहना है कि उन्हें जबरन हॉस्टल खाली करने के लिए मजबूर किया जा रहा है और परेशान करने के लिए बुनियादी सुविधाएं तक रोक दी गई हैं।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, बीती रात [हॉस्टल का नाम, यदि उपलब्ध हो] की छात्राएं बड़ी संख्या में हॉस्टल परिसर में इकट्ठा हो गईं और मैनेजमेंट के खिलाफ विरोध जताना शुरू कर दिया। देखते ही देखते यह प्रदर्शन काफी उग्र हो गया।
छात्राओं के प्रमुख आरोप:
- जबरन हॉस्टल खाली कराना: प्रदर्शनकारी छात्राओं का सबसे बड़ा आरोप यह है कि मैनेजमेंट बिना किसी पूर्व सूचना या ठोस कारण के उन पर हॉस्टल खाली करने का दबाव बना रहा है।
- पानी की सप्लाई ठप: छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया कि उन पर दबाव बनाने के लिए हॉस्टल में पीने और नहाने के पानी की सप्लाई रोक दी गई है, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
- तानाशाही रवैया: छात्राओं का कहना है कि हॉस्टल प्रशासन का रवैया पूरी तरह से तानाशाहीपूर्ण है और उनकी समस्याओं को सुनने के बजाय उन्हें डराया-धमकाया जा रहा है।
आधी रात को पुलिस बुलानी पड़ी
हंगामा इतना बढ़ गया कि स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए पुलिस बुलानी पड़ी। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर छात्राओं को समझाने की कोशिश की, लेकिन छात्राएं मैनेजमेंट के किसी वरिष्ठ अधिकारी से बात करने और लिखित आश्वासन की मांग पर अड़ी रहीं।
आगे क्या?
यह घटना दिल्ली यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में छात्राओं की सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर कई सवाल खड़े करती है। देखना होगा कि यूनिवर्सिटी प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और छात्राओं की समस्याओं का क्या समाधान निकलता है। फिलहाल हॉस्टल में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।


