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नेहरू की जल्दबाजी से लाखों लोग उजड़ गए, 14 अगस्त इतिहास का काला दिन: कैलाश विजयवर्गीय

नेहरू की जल्दबाजी से लाखों लोग उजड़ गए, 14 अगस्त इतिहास का काला दिन: कैलाश विजयवर्गीय

भोपाल/इंदौर: मध्य प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पर तीखा हमला बोला है। विजयवर्गीय ने आरोप लगाया कि देश के प्रथम प्रधानमंत्री की जल्दबाजी के कारण भारत का विभाजन हुआ, जिसके चलते लाखों लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी और करोड़ों लोग बेघर हो गए। उन्होंने 14 अगस्त को भारतीय इतिहास का सबसे काला दिन करार दिया।

बिना तैयारी के लिया गया फैसला

कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि देश के बंटवारे का फैसला अत्यधिक जल्दबाजी में लिया गया था। विभाजन के समय विस्थापन को लेकर किसी भी प्रकार की पूर्व योजना या ठोस व्यवस्था नहीं की गई थी। इसके कारण करोड़ों लोगों के भारत आने पर उनके ठहरने, सुरक्षा और खाने-पीने का कोई इंतजाम नहीं था।

मानव इतिहास का सबसे बड़ा पलायन

मंत्री ने इस घटना को मानव इतिहास का सबसे दर्दनाक और बड़ा जन-स्थानांतरण बताया। उन्होंने कहा कि नेहरू सरकार की अदूरदर्शिता के कारण करीब डेढ़ करोड़ लोग रातों-रात विस्थापित हो गए। इस दौरान बड़े पैमाने पर हुई हिंसा में लाखों निर्दोष लोगों की जान चली गई और अनगिनत परिवार पूरी तरह उजड़ गए।

श्यामा प्रसाद मुखर्जी को किया याद

अपने संबोधन में विजयवर्गीय ने भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के योगदान को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि अगर उस समय डॉ. मुखर्जी ने कड़ा रुख न अपनाया होता, तो आज पूरा बंगाल और कश्मीर भारत का हिस्सा नहीं होते। उन्होंने देश की एकता और अखंडता के लिए उनके संघर्ष को वंदनीय बताया।

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