मेहंदवानी जनपद की पंचायत व्यवस्था पर उठे सवाल, ग्रामीणों ने की कार्रवाई की मांग
लोकेशन – मेहंदवानी, जिला डिंडोरी (मध्यप्रदेश)
डिंडोरी जिले के मेहंदवानी विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायतों की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। बुधवार को ग्राम पंचायत पड़रिया, उमरिया और खजरवारा पंचायत भवनों में ताला लटका मिला, जबकि पंचायत कार्यालयों में न तो सचिव मौजूद थे और न ही सरपंच या अन्य कर्मचारी दिखाई दिए। पंचायत भवन बंद मिलने से ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी गई।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इन पंचायतों में यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि आए दिन पंचायत कार्यालयों में ताले लटके रहते हैं और पंचायत कर्मचारी घरों से ही पंचायत संचालन करते हैं। इससे आम लोगों को छोटे-छोटे कामों के लिए बार-बार पंचायत के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
शिकायत मिलने के बाद जब मीडिया टीम ने पंचायत भवनों का निरीक्षण किया तो मौके पर पंचायत कार्यालय बंद मिले। पंचायत भवनों के मुख्य द्वार पर ताले लगे थे और जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारी नदारद मिले। इससे शासन की ग्रामीण प्रशासन व्यवस्था और पंचायत संचालन की वास्तविक स्थिति उजागर होती नजर आई। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत भवनों में नियमित रूप से अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित नहीं रहते, जिसके कारण शासकीय योजनाओं से जुड़े कार्य समय पर नहीं हो पाते। लोगों को परेशान होकर कई बार पंचायत आना पड़ता है, लेकिन कार्यालय बंद मिलने से उन्हें निराश लौटना पड़ता है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब पंचायत भवन ही बंद रहेंगे तो ग्रामीण अपनी समस्याएं किसके सामने रखें। एक ओर शासन ग्रामीण क्षेत्रों में सुशासन और पारदर्शिता के बड़े-बड़े दावे करता है, वहीं दूसरी ओर मेहंदवानी जनपद की कई पंचायतों की स्थिति इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि पंचायतों में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए और लगातार लापरवाही बरतने वाले सचिवों एवं कर्मचारियों पर तत्काल कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधरी तो वे जनपद पंचायत और जिला प्रशासन के सामने आंदोलन करने को मजबूर होंगे। अब देखना यह होगा कि खबर सामने आने के बाद जनपद पंचायत मेहंदवानी और जिला प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और पंचायत कर्मचारियों पर क्या कार्रवाई होती है।
रिपोर्ट लीलाराम साहू डिंडोरी

