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पहलगाम में भारतीय बहनों का उजड़ा था सुहाग, अब ऑपरेशन सिंदूर में मारा गया मसूद अजहर की बहन का शौहर

भारत और पाकिस्तान के बीच लगातार तनाव और आतंकवादियों के द्वारा भारतीय सरजमीं पर किए गए हमलों की कड़ी में एक और अहम अध्याय जुड़ गया है। 7 मई को भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान-आधिकृत कश्मीर में ऑपरेशन सिंदूर के तहत कई आतंकवादी ठिकानों पर हमला किया, जिसमें मसूद अजहर की बहन के पति, हाफिज मुहम्मद जामिल की भी मौत हो गई।

दरअसल, 7 मई की तड़के लगभग 1:30 बजे भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान-आधिकृत कश्मीर में स्थित 9 आतंकवादी ठिकानों पर हमले किए, जिसे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम दिया गया है। इस सैन्य कार्रवाई में कई आतंकवादियों को मारा गया, जिनमें कुछ पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े बड़े नाम शामिल थे।

सूत्रों के अनुसार, इस ऑपरेशन में मारे गए आतंकवादियों में मुहम्मद हसन खान, खालिद (अबू आकशा), मुहम्मद युसुफ अजहर, हाफिज मुहम्मद जामिल और मुदस्सर खदीयान खस शामिल हैं। इन आतंकवादियों का संबंध पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूहों से था और ये कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे।

मुहम्मद हसन खान और खालिद (अबू आकशा) जैसे आतंकवादी लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के लिए कई प्रमुख ऑपरेशनों का हिस्सा रहे थे। खासकर मुदस्सर खदीयान खस, जो अबू जंदल के नाम से भी जाना जाता है, लश्कर-ए-तैयबा का एक प्रमुख कमांडर था और उसे मुरिदके स्थित मार्काज ताइबा का जिम्मा सौंपा गया था। ऑपरेशन के बाद, पाकिस्तान सेना ने उसकी अंतिम यात्रा में गार्ड ऑफ ऑनर दिया, जो उसकी अहमियत को दर्शाता है।

हाफिज मुहम्मद जामिल, जो जैश-ए-मोहम्मद का प्रमुख मसूद अजहर का साला था, और जो बहावलपुर स्थित मार्काज सुहान अल्लाह के प्रमुख थे, भी इस ऑपरेशन में मारे गए। जामिल को जैश के लिए धन जुटाने और युवाओं को कट्टरपंथी बनाने के लिए जाना जाता था।

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