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भिंड में भूख हड़ताल के दौरान संत की बिगड़ी तबियत, अस्पताल में भर्ती

  • ग्वालियर इटावा हाईवे को 6 लेन करने को लेकर संतों का भिंड में धरना प्रदर्शन जारी. भूख हड़ताल पर बैठे संत की तबियत हुई खराब.

भिंड: मध्य प्रदेश के भिंड में भूख हड़ताल पर बैठे सतों में से एक की मंगलवार को तबीयत बिगड़ गई. जिसके बाद उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है. दरअसल, ग्वालियर इटावा हाईवे को 6 लेन बनाने और गौ अभ्यारण की मांग को लेकर साधु संत पिछले 6 दिनों से भिंड शहर के खंडा रोड पर प्रदर्शन कर रहे हैं. इसको लेकर 9 संतों ने भूख हड़ताल पर शुरू की है. भूख हड़ताल पर बैठे 1 संत की मंगलवार को तबियत बिगड़ गई.

भूख हड़ताल के दौरान संत की बिगड़ी तबीयत

खंडा रोड पर संतों का अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन जारी है. भूख हड़ताल के दूसरे दिन संत प्रेमदास महाराज की तबीयत बिगड़ गई. उन्हें तत्काल जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टर ने उनका स्वास्थ्य जांच कर बताया कि संत का बीपी बढ़ गया था, जिसकी वजह से उनकी तबीयत बिगड़ गई थी. हालांकि, मंगलवार की देर शाम उनकी छुट्टी कर दी गई. वह वापस आंदोलन स्थल पर पहुंच भूख हड़ताल पर फिर से बैठ गए हैं.

उपनेता प्रतिपक्ष पहुंचे अस्पताल

संत प्रेमदास महाराज की भूख हड़ताल के दौरान तबीयत बिगड़ने की खबर लगते ही कांग्रेस उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे जिला अस्पताल पहुंचे. जहां उन्होंने संत के चरण स्पर्श कर हाल जाना. इस दौरान उनके साथ कांग्रेसी कार्यकर्ता और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद थे. अटेर विधायक हेमंत कटारे ने कहा, “संतों को सड़क पर बैठना पड़े, यह हमारे लिए शर्म की बात है.” इसके बाद उन्होंने संत प्रेमदास महाराज से हाथ जोड़कर भूख हड़ताल खत्म करने का आग्रह किया. जिस पर प्रेमदास महाराज ने कहा, “आप विपक्ष में हो सड़क पर आओ और हमारा साथ दो.”

आंदोलन खत्म करने का पूर्व मंत्री ने आग्रह किया

खंडा रोड पर आंदोलन कर रहे संतों के पास मंगलवार की देर शाम पूर्व मंत्री ओपीएस भदौरिया पहुंचे. जहां उन्होंने नें कालीदास महराज से आंदोलन खत्म करने का आग्रह किया. संत कालीदास महाराज ने पूर्व मंत्री से कहा, “जब तक हमें सरकार की ओर से कोई ठोस प्रमाण नहीं मिल जाता है, तब तक यह आंदोलन खत्म नहीं करेंगे.

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