धार, मध्य प्रदेश:
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ द्वारा भोजशाला विवाद पर दिए गए ऐतिहासिक फैसले के बाद आज पहला शुक्रवार है। इस दिन हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय अपने धार्मिक अनुष्ठान करते हैं, जिसके चलते धार जिले में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। हाईकोर्ट ने हाल ही में हिंदू पक्ष के हक में फैसला सुनाते हुए भोजशाला परिसर का सर्वेक्षण करने का आदेश दिया था।
हवन-पूजन और महाआरती:
आज शुक्रवार होने के कारण हिंदू श्रद्धालुओं द्वारा भोजशाला परिसर में हवन-पूजन और महाआरती का आयोजन किया जाएगा। दूसरी ओर, मुस्लिम समुदाय भी नमाज़ अदा करेगा। इस दोहरे आयोजन के कारण प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है।
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था:
धार शहर और खासकर भोजशाला परिसर के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं:
- भारी पुलिस बल: लगभग 2,000 पुलिसकर्मियों को धार शहर में तैनात किया गया है।
- आरएएफ और एसएएफ: रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और स्पेशल आर्म्ड फोर्स (SAF) की टुकड़ियां भी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।
- सोशल मीडिया पर निगरानी: अफवाहों और भड़काऊ सामग्री को फैलने से रोकने के लिए पुलिस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर पैनी नजर रख रही है।
- ड्रोन से निगरानी: संवेदनशील इलाकों में ड्रोन के जरिए भी निगरानी की जा रही है।
- बैरिकेडिंग: भोजशाला की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेड्स लगा दिए गए हैं और लोगों की सघन जांच की जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मुस्लिम पक्ष:
हाईकोर्ट के फैसले के बाद, मुस्लिम पक्ष (कमाल मौलाना मस्जिद इंतजामिया समिति) ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। उन्होंने हाईकोर्ट के सर्वेक्षण आदेश पर रोक लगाने की मांग की है। अब सबकी निगाहें सुप्रीम कोर्ट पर टिकी हैं कि वह इस मामले में क्या कदम उठाता है।
प्रशासन की अपील:
धार जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। पुलिस अधिकारियों ने साफ किया है कि किसी को भी कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की इजाजत नहीं दी जाएगी और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
