( संवाददाता प्रफुल्ल तंवर )
किसानों को उनकी भूमि का चार गुना मुआवजा देने के कैबिनेट निर्णय के बाद इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर सहित कई औद्योगिक क्षेत्रों के विस्तार की गति धीमी पड़ गई है। कॉरिडोर की जद में आने वाले किसान अब जमीन के बदले भूमि लेने के बजाय चार गुना मुआवजे की मांग करने लगे हैं।
एनटीवी टाइम न्यूज इंदौर/ प्रदेश में किसान अब जमीन के बदले भूमि लेने के बजाय चार गुना मुआवजे की मांग कर रहे हैं। हालांकि मप्र इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन ने कॉरिडोर के पहले चरण के निर्माण कार्यों के लिए करीब 70 फीसदी भूमि अधिग्रहित कर ली है प्रोजेक्ट 2360 करोड़ रुपए से अधिक का है। इसके पहले चरण में 300 करोड़ रुपए की लागत से 14.28 किलोमीटर सड़क बनाई जाएगी। इसमें पांच किलोमीटर सड़क का चौड़ीकरण होगा, जबकि नौ किलोमीटर सड़क ग्रीनफील्ड आधार पर विकसित की जाएगी। चार गुना मुआवजा देने की स्थिति में भूमि अधिग्रहण पर मप्र इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन को अब करीब 6 हजार करोड़ खर्च करने होंगे।
इंदौर-पीथमपुर कॉरिडोर 20 किमी लंबा होगा
इंदौर-पीथमपुर कॉरिडोर प्रोजेक्ट प्रदेश को निवेश, उद्योग और रोजगार के नए केंद्र के रूप में स्थापित करेगा। करीब 20 किमी लंबा यह कॉरिडोर इंदौर की व्यावसायिक क्षमता और पीथमपुर की औद्योगिक ताकत के बीच कनेक्टिविटी स्थापित करेगा। सड़क के दोनों ओर 300-300 मीटर तक इकोनॉमिक जोन विकसित होगी। 5 लाख से अधिक प्रत्यक्ष और 1 लाख अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे।
इन औद्योगिक क्षेत्रों पर पड़ेगा प्रभावमोहासा-बाबई रिन्यूएबल एनर्जी औद्योगिक क्षेत्र
नर्मदापुरम जिले में सरकार ने इसके लिए 1678 हेक्टेयर से अधिक भूमि आरक्षित की है। यह क्षेत्र पूरी तरह भर चुका है और अब 500 हेक्टेयर तक विस्तार प्रस्तावित है। विस्तार की जद में किसानों की जमीन आ रही है। पहले जहां लगभग 500 करोड़ रुपए मुआवजे के रूप में देने पड़ते, वहीं अब चार गुना मुआवजे के कारण यह राशि करीब 1000 करोड़ रुपए तक पहुंच सकती है। इसके चलते विस्तार कार्य की गति धीमी हो गई है।
बीना रिफाइनरी औद्योगिक क्षेत्र
बीना रिफाइनरी के पास कुल 3100 एकड़ क्षेत्र में नए औद्योगिक और पेट्रोकेमिकल हब के विस्तार का प्रस्ताव है। इसमें भांकरई, आगासौद, दोनमढ़ी, पुरैना और हांसुआ गांवों की भूमि शामिल है।
विक्रम उद्योगपुरी, उज्जैन
उज्जैन की विक्रम उद्योगपुरी 1200 एकड़ क्षेत्र में फैली हुई है। इसके दूसरे चरण के लिए अतिरिक्त 488 हेक्टेयर से अधिक भूमि अधिग्रहित की जा रही है। यहां भी किसानों की जमीन अधिग्रहित की गई है और वे चार गुना मुआवजा मांग रहे हैं।
अब किसान मुआवजा ही मांग रहे हैं
कॉरिडोर के लिए हमारे गांव में किसानों को दोगुना मुआवजा देने की बात थी। इसी दौरान सरकार ने चार गुना मुआवजे की घोषणा कर दी। अब किसान नया मुआवजा मांग रहे हैं।
प्रशांत पाटीदार, नरवल गांव, पीथमपुर
चार गुना मुआवजे का प्रावधान लागू किया जाएगा
सरकार ने चार गुना मुआवजे का प्रावधान किया है, तो उसे लागू किया जाएगा। यह व्यवस्था सभी औद्योगिक क्षेत्रों के विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण में लागू होगी।
चंद्रमौली शुक्ला, एमडी, मप्र राज्य औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड


