Monday, May 25, 2026

TOP NEWS

गुलमर्ग में बड़ा हादसा...

- रस्सियों और सीढ़ियों के सहारे चलाया जा रहा है जोखिम भरा रेस्क्यू...

अमानक मसूर खरीदी मामले...

कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के निर्देशानुसार जिले में रबी विपणन वर्ष 2026-27...

मध्यप्रदेश में इंदौर-पीथमपुर कॉरिडोर...

( संवाददाता प्रफुल्ल तंवर ) किसानों को उनकी भूमि का चार गुना मुआवजा देने...

“पानी पीने योग्य नहीं”,...

इंदौर (संवाददाता): "जल ही जीवन है" यह कहावत तो सबने सुनी है, लेकिन इंदौर...
Homeमध्य प्रदेशमध्यप्रदेश में दूध का उत्पादन दो गुना करने “दुग्ध समृद्धि सम्पर्क अभियान”...

मध्यप्रदेश में दूध का उत्पादन दो गुना करने “दुग्ध समृद्धि सम्पर्क अभियान” 2 अक्टूबर से, पशुपालकों से घर घर जाकर होगा संपर्क

मध्यप्रदेश में दूध का उत्पादन दो गुना करने “दुग्ध समृद्धि सम्पर्क अभियान” 2 अक्टूबर से, पशुपालकों से घर घर जाकर होगा संपर्क

रिपोर्टर सतेंद्र जैन

दुग्ध समृद्धि सम्पर्क अभियान संबंधी प्रशिक्षण प्रत्येक जिले के मास्टर ट्रेनर को राज्य पशुपालन प्रशिक्षण संस्थान, भोपाल में दिया जायेगा और ये प्रशिक्षित ट्रेनर पशुपालकों के पास जाकर उन्हें जागरूक करेंगे दुग्ध समृद्धि सम्पर्क अभियान” के प्रचार प्रसार के निर्देश
प्रमुख सचिव पशुपालन एवं डेयरी विकास उमाकांत उमराव ने मंत्रालय में अभियान की तैयारियों संबंधी बैठक ली। बैठक में सभी संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। प्रमुख सचिव ने निर्देश दिये कि अभियान का प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया तथा अन्य संचार माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाये। गाँवों में मुनादी पिटवाकर इसकी जानकारी दी जाये तीन चरणों में ऐसे किया जायेगा पशुपालकों से संपर्क
बैठक में बताया गया कि ये अभियान 3 चरणों में चलाया जायेगा। इसकी शुरूआत 2 अक्टूबर को ग्राम सभाओं से की जायेगी। अभियान 9 अक्टूबर तक चलेगा। अभियान के पहले चरण में 10 या 10 से अधिक गौ-वंश रखने वाले पशुपालकों से व्यक्तिगत सम्पर्क किया जायेगा। अभियान के द्वितीय चरण में 5 या अधिक गौ-वंश रखने वाले पशुपालकों और तीसरे चरण में 5 या कम गौ-वंश रखने वाले पशुपालकों से सम्पर्क किया जायेगा।

घर घर पहुचेंगे पशु चिकित्सक, बीमारी, नस्ल सुधार की देंगे जानकारी
अभियान के अंतर्गत सहायक पशु चिकित्सा अधिकारी/मैत्री द्वारा पशुपालकों से गृह भेंट की जायेगी और उन्हें पशु पोषण, पशु स्वास्थ्य एवं नस्ल सुधार के संबंध में जागरूक किया जायेगा। साथ ही पशुओं में टैग लगाने संबंधी जानकारी भी एकत्र की जायेगी। इस कार्य के लिये मैत्री को प्रति पशुपालक 5 रुपये का मानदेय भी दिया जायेगा।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments