Wednesday, July 15, 2026

TOP NEWS

कक्षा छठवीं व ग्यारहवी...

डिंडोरी। पी.एम.श्री. स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय धमनगांव प्रभारी प्राचार्य अल्का विश्वकर्मा ने जानकारी...

मध्य प्रदेश के रीवा शहर में रविवार को एक होटल में उस समय...

विधानसभा क्षेत्र मिल्कीपुर अयोध्या...

विधानसभा क्षेत्र मिल्कीपुर अयोध्या के ग्राम सभा धौरहरा मुकुंदा पूरे रामलाल तिवारी का...

अज्ञात वाहन की चपेट...

डिंडौरी। जिले के विक्रमपुर चौकी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम केलवारा में एक अज्ञात तेज...
HomeUncategorizedमांसाहारी पौधा : भरतपुर में केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान में

मांसाहारी पौधा : भरतपुर में केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान में

मांसाहारी_पौधा : भरतपुर में केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान में इस बार एक दुर्लभ और अनोखे मांसाहारी पौधे, यूट्रीकुलेरिया की बड़ी संख्या में उपस्थिति दर्ज की गई है। आमतौर पर मेघालय और दार्जिलिंग में पाया जाने वाला यह पौधा, जिसे ‘ब्लैडरवॉर्ट’ के नाम से भी जाना जाता है। यह पौधा छोटे कीट-पतंगों का शिकार कर पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे घना की जैव विविधता और पारिस्थितिकी तंत्र को नया आयाम मिलेगा।

घना निदेशक मानस सिंह ने बताया कि यूट्रीकुलेरिया मांसाहारी पौधों की एक अनूठी प्रजाति है, यह छोटे जीवों को पकड़ने के लिए मूत्राशय जैसे जाल (ब्लैडर) का इस्तेमाल करता है। ब्लैडर के अंदर आने के बाद जीव फंस जाता है और वहीं मर जाता है। यूट्रीकुलेरिया मुख्य रूप से प्रोटोजोआ, कीड़े, लार्वा, मच्छर और टैडपोल जैसे जीवों का शिकार करता है। इस पौधे की स्थलीय प्रजातियां पानी से भरी मिट्टी में उगती हैं और वहीं तैरने वाले छोटे जीवों को पकड़ती हैं। इस साल केवलादेव घना में पांचना बांध से भरपूर पानी मिलने के कारण इस पौधे की मौजूदगी संभव हो सकी है। यह पौधा घना के एल, के और बी ब्लॉक में देखा जा रहा है।

सेवानिवृत्त प्रो. डॉ. एमएम त्रिगुणायत ने बताया कि कई साल पहले जब घना को पांचना बांध का पानी मिलता था, उस समय यह पौधा नजर आता था. इस बार पानी अच्छा मिला है तो यह फिर से दिखा है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments