( संवाददाता प्रफुल्ल तंवर )
कीटनाशक और खाद-बीज की दुकान खोलने के लाइसेंस के एवज में आवेदक से कृषि विस्तार अधिकारी ने मांगी थी मोटी रिश्वत…।
एनटीवी टाइम न्यूज रतलाम/मध्यप्रदेश में रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। लगभग हर दूसरे दिन कहीं न कहीं लोकायुक्त टीम रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ रही है लेकिन इसके बावजूद रिश्वतखोर बाज आते नजर नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला मध्यप्रदेश के रतलाम का है जहां कृषि विस्तार अधिकारी को रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त की टीम ने रंगेहाथों पकड़ा है।
दुकान लाइसेंस के बदले मांगी रिश्वत
रतलाम जिले की सैलाना तहसील के सकरावदा गांव के रहने वाले विजय सिंह राठौर ने 26 अगस्त को उज्जैन लोकायुक्त कार्यालय में कृषि विस्तार अधिकारी मगन लाल मेड़ा के खिलाफ रिश्वत मांगने की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आवेदक विजय सिंह ने बताया कि उसे गांव में कीटनाशक व खाद-बीज की दुकान खोलना है। जिसके लाइसेंस के लिए उसने एप्लाई किया था। लाइसेंस बनने का मैसेज उसे जुलाई महीने में मैसेज पर मिल गया था लेकिन जब वो लाइसेंस की कॉपी लेने के लिए कृषि विस्तार अधिकारी मगन लाल के पास गया तो उन्होंने तीनों लाइसेंस की कॉपी देने के एवज में 30 हजार रूपये रिश्वत की मांग की।
15 हजार रूपये पहले ले चुका था
आवेदक विजय सिंह के मुताबिक बातचीत में सौदा 25 हजार रूपये में तय हुआ और 21 अगस्त को वो कृषि विस्तार अधिकारी मगन लाल मेडा को 15 हजार रूपये की पहली किस्त दे चुका था। लोकायुक्त टीम ने शिकायत की जांच की और शिकायत सही पाए जाने पर गुरूवार 28 अगस्त को आवेदक विजय सिंह को रिश्वत के बाकी 10 हजार रूपये देने के लिए रिश्वतखोर कृषि विस्तार अधिकारी के पास भेजा। कृषि विस्तार अधिकारी मगन लाल ने रिश्वत देने के लिए उसे अपने दफ्तर में बुलाया और जैसे ही रिश्वत के रूपये लिए तो वहां मौजूद लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगेहाथों पकड़ लिया।