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Homeमध्य प्रदेशविधानसभा में कैलाश विजयवर्गीय ने दी गलत जानकारी! अधीक्षक-लिपिक बर्खास्त

विधानसभा में कैलाश विजयवर्गीय ने दी गलत जानकारी! अधीक्षक-लिपिक बर्खास्त

एनटीवी टाइम न्यूज इंदौर/ मध्य प्रदेश के कद्दावर नेता व नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही। अपने बेबाक बयानों से विवादों से घिरे विजयवर्गीय के एक और बयान ने तूल पकड़ ली है। दरअसल, भाजपा के ही विधायक महेंद्र हार्डिया के सवाल पर विधानसभा में दिए गए जवाब ने प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी। उनके सवाल के जवाब में विजयवर्गीय द्वारा इंदौर में एक भी सफाई संरक्षक नहीं होने की जानकारी देना बाद में त्रुटिपूर्ण पाया गया। मामले ने तब और तूल पकड़ा जब गलत जानकारी तैयार करने के मामले में नगर निगम के स्थापना शाखा कार्यालय अधीक्षक हरीश श्रीवास्तव को निलंबित करने व लिपिक अतुल वाजपेयी (विनियमित कर्मचारी) की सेवा समाप्त करने का आदेश जारी हुआ।

स्थापना शाखा के अधिकारियों पर गिरी गाज

अपर आयुक्त के आदेश में स्पष्ट किया गया कि विधायक के प्रश्न का उत्तर संचालनालय को भेजा गया था, जो गलत तथ्यों पर आधारित था। जांच में यह सामने आया कि जवाब कार्यालय अधीक्षक हरीश श्रीवास्तव के माध्यम से तैयार कर प्रेषित किया गया। महत्वपूर्ण विषय होने के बावजूद अपेक्षित सतर्कता नहीं बरती गई। परिणामस्वरूप उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश जारी किए गए, ताकि जवाबदेही तय की जा सके।

लिपिक की सेवा समाप्त, पारिश्रमिक पर रोक

इसी मामले में लिपिक अतुल वाजपेयी (विनियमित कर्मचारी) की भूमिका भी सामने आई। आदेश में उल्लेख है कि जवाब उनके माध्यम से तैयार हुआ था और उन्होंने भी महत्वपूर्ण कार्य के प्रति आवश्यक रुचि नहीं दिखाई। प्रशासन ने उन्हें हाजिरी मुक्त करते हुए पारिश्रमिक भुगतान पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए। यह कदम यह संदेश देने के लिए माना जा रहा है कि तथ्यात्मक त्रुटि को हल्के में नहीं लिया जाएगा।

क्या था विधायक का मूल प्रश्न?

विधायक हार्डिया ने विधानसभा में इंदौर नगर निगम में स्वीकृत, कार्यरत और रिक्त पदों की विस्तृत जानकारी मांगी थी। साथ ही यह भी पूछा था कि क्या कर्मचारियों की कमी के कारण एक ही अधिकारी को कई स्थानों का प्रभार सौंपा गया है। मंत्री विजयवर्गीय ने जवाब में कहा था कि निगम सीमा विस्तार के कारण अधिकारियों को एक से अधिक प्रभार दिए गए हैं और सीमा क्षेत्र के अनुपात में अमले की कमी है। बाद में सफाई संरक्षकों से संबंधित जानकारी गलत पाए जाने पर यह पूरा प्रकरण विवाद का कारण बना।

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नारायण शर्मा
एन टी वी टाइम न्यूज में मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ के लिए काम करता हूं।

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