Home मध्य प्रदेश सीएम ने पीसीसी चीफ को कहा “दो कौड़ी का प्रदेशाध्यक्ष”: कांग्रेस का...

सीएम ने पीसीसी चीफ को कहा “दो कौड़ी का प्रदेशाध्यक्ष”: कांग्रेस का प्रदेशव्यापी प्रदर्शन, कमलनाथ ने दी नसीहत

0

भोपाल,

मध्य प्रदेश में सियासी पारा एक बार फिर चढ़ गया है। मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) अध्यक्ष को कथित तौर पर “दो कौड़ी का प्रदेशाध्यक्ष” कहे जाने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है। इस विवादित टिप्पणी के विरोध में कांग्रेस ने पूरे प्रदेश में मुख्यमंत्री के पुतले दहन किए और जोरदार प्रदर्शन किया। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री को सत्ता के घमंड से दूर रहने की नसीहत दी है।

विवाद की जड़ और कांग्रेस का प्रदर्शन:

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब मुख्यमंत्री ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान पीसीसी चीफ को निशाना बनाते हुए कथित तौर पर “दो कौड़ी का प्रदेशाध्यक्ष” कह दिया। इस बयान के सार्वजनिक होते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उबाल आ गया।

शनिवार को कांग्रेस के आह्वान पर पूरे प्रदेश के जिला मुख्यालयों और कस्बों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी की और उनके पुतले फूंके। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर सहित कई प्रमुख शहरों में विरोध प्रदर्शन उग्र नजर आया, जहां कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हल्की झड़पें भी देखने को मिलीं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह बयान केवल पीसीसी चीफ का नहीं, बल्कि पूरी कांग्रेस पार्टी और लोकतंत्र का अपमान है।

कमलनाथ का मुख्यमंत्री पर तीखा हमला:

इस घटनाक्रम पर पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने मुख्यमंत्री के बयान को पद की गरिमा के खिलाफ और अहंकार से भरा हुआ बताया।

कमलनाथ ने अपने बयान में कहा, “मुख्यमंत्री को सत्ता का घमंड नहीं करना चाहिए। राजनीति में मतभेद होते हैं, लेकिन भाषा की एक मर्यादा होती है। जिस तरह की भाषा का प्रयोग उन्होंने हमारे प्रदेशाध्यक्ष के लिए किया है, वह यह दर्शाता है कि सत्ता का नशा उनके सिर चढ़कर बोल रहा है।” उन्होंने आगे कहा कि जनता इस तरह के अहंकार और अभद्र भाषा का जवाब आगामी चुनावों में जरूर देगी।

सियासी गरमाहट:

इस विवाद ने आगामी चुनावों से पहले प्रदेश की राजनीति में नई गरमाहट ला दी है। कांग्रेस इस मुद्दे को भुनाने की पूरी कोशिश कर रही है और इसे मुख्यमंत्री के अहंकार के रूप में जनता के सामने पेश कर रही है। वहीं, सत्तारूढ़ दल की ओर से फिलहाल इस मामले पर कोई आधिकारिक सफाई नहीं आई है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे बयान चुनावी माहौल को और तीखा कर सकते हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि यह विवाद आगे क्या रूप लेता है और दोनों पार्टियां इसे अपने पक्ष में कैसे इस्तेमाल करती हैं।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version